न्यूजीलैंड की श्रीलंका पर बड़ी जीत ने पाकिस्तान को वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की रेस से लगभग बाहर कर दिया है। न्यूजीलैंड ने 9 मैचों में पांचवीं जीत हासिल की और पॉइंट्स टेबल में नंबर-4 पर रहना लगभग पक्का कर लिया है।पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के नेट रन रेट का हिसाब
श्रीलंका से मैच जीतने के बाद न्यूजीलैंड का नेट रन रेट +0.743 हो गया है। पाकिस्तान का नेट रन रेट अभी +0.036 है। पाक को सेमीफाइनल में जाना है तो उसे लगभग नामुमकिन अंतर से इंग्लैंड को हराना होगा।
सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए दो चीजों का होना जरूरी है। पहला- जीत से हासिल पॉइंट्स और दूसरा- नेट रन रेट। न्यूजीलैंड के अब 10 पॉइंट्स हो गए हैं। वहीं, 8 मैचों से पाकिस्तान के 8 पॉइंट्स हैं। गणित के समीकरण अब भी पाकिस्तान को रेस में बता सकते हैं, पर वास्तविकता यही है कि बाबर आजम की टीम के पास अब कोई मौका नहीं है। खराब नेट रन रेट इसकी बड़ी वजह है।
पहला: पाकिस्तान पहले बैटिंग करता है तो: पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के खिलाफ पहले बैटिंग करती है तो उसे 287 रन से जीत हासिल करनी होगी। तब उसके पास भी 10 पॉइंट्स होंगे और नेट रन रेट न्यूजीलैंड से बेहतर हो जाएगा। पाकिस्तान की वनडे इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी जीत 255 रन की रही है।
दूसरा: पाकिस्तान चेज करता है तो: अगर इंग्लैंड की टीम पहले बैटिंग करती है, यानी पाक चेज कर रहा होगा तो उसे तय टारगेट 278 से 284 गेंद बाकी रहते चेज करना होगा। यानी टारगेट के अनुसार उसे 16 से 22 गेंद के अंदर मुकाबला जीत लेना होगा। आज तक दुनिया की कोई भी टीम इतनी कम गेंदों पर वनडे में टारगेट हासिल नहीं कर पाई है।
- वनडे इतिहास में आज तक कोई टीम 16 गेंदों पर टारगेट चेज नहीं कर सकी है। श्रीलंका के नाम 26 गेंदों में टारगेट चेज करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है, टीम ने 2001 में जिम्बाब्वे को इस अंतर से हराया था। पाकिस्तान की भी गेंद बाकी रहते हुए सबसे बड़ी जीत जिम्बाब्वे के खिलाफ ही है। पाक ने 2018 में 9.5 ओवर में टारगेट चेज किया था।
- इंग्लैंड के खिलाफ 287 रन की जीत भी नामुमकिन ही लगती है क्योंकि पाकिस्तान आज तक वनडे में इतने बड़े अंतर से नहीं जीता है। टीम को रन के अंतर से सबसे बड़ी जीत 2016 में आयरलैंड के खिलाफ मिली थी। तब उन्होंने 255 रन से मुकाबला जीता था।
- लगातार पांचवीं बार सेमीफाइनल खेलेगा न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड टीम लगातार पांचवीं बार वनडे वर्ल्ड का सेमीफाइनल खेलेगी। इससे पहले 2007 और 2011 में टीम को श्रीलंका ने ही सेमीफाइनल में हराया था। जबकि 2015 और 2019 में टीम फाइनल तक भी पहुंची, लेकिन दोनों ही बार उन्हें मेजबान टीमों से हार का सामना करना पड़ गया। 2015 में ऑस्ट्रेलिया और 2019 में इंग्लैंड ने खिताब जीता था।


