मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के बीच मंगलवार को वर्ल्ड कप का मैच खेला गया। इस मैच को ऑस्ट्रेलिया ने 3 विकेट से जीत लिया। ऑस्ट्रेलिया के जीत के हीरो रहे ग्लेन मैक्सवेल। उन्होंने नाबाद 201 रन की पारी खेली। जब मैक्सवेल 8.3 ओवर में बल्लेबाजी करने आए तब ऑस्ट्रेलिया के 49 रन पर 4 विकेट गिर चुके थे। इससे पहले, अफगानिस्तान ने 5 विकेट पर 291 रन बनाए थे।
मैच के बाद ग्लेन मैक्सवेल ने अपनी पारी के बारे में कहा, 91 रन 7 विकेट गिर गए थे, टीम पर हार का संकट मंडरा रहा था। तब मेरे पास पॉजिटिव बने रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अगर मैं डिफेंसिव होता तो अपना विकेट गंवा देता। मैंने शॉट्स खेलने पर ध्यान दिया।
उन्होंने आगे कहा, LBW से बचने के बाद DRS से मुझे पता चला कि गेंद ऊपर आ रही है। मुझे बाउंस का असल अंदाजा उसी समय हुआ और मैं पहले से ज्यादा सतर्क हो गया। उसके बाद ही मैने शॉर्ट खेलना शुरू किया।
मैक्सवेल ने आगे कहा, गर्मी काफी थी। जिसकी वजह से पहले वॉर्म अप नहीं किया। इस कारण ही मेरी हालत खराब हो गई।
अफगानिस्तान के कप्तान ने माना मैक्सवेल का दो कैच छोड़ना महंगा पड़ा
वहीं ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने माना कि मैक्सवेल का कैच छोड़ना टर्निंग पॉइंट रहा। हमारे लिए मैच निराशाजनक रहा।
शाहिदी ने कहा, हमारे गेंदबाजों ने बहुत अच्छी शुरुआत की। हमने 91 रन 7 विकेट ले चुके थे। हमने कुछ मौके गंवाएं, जिसका नुकसान हमें हुआ। मैक्सवेल का दो कैच छूटना मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। उसके बाद मैक्सवेल नहीं रुके। उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की। उनके पास सभी तरह के शॉट्स थे और फिर उन्होंने हमें बाद में कोई मौका नहीं दिया।
शाहिदी ने टीम के प्रदर्शन की सराहना की और कहा, हमें अपने गेंदबाजों पर गर्व है। उन्होंने अपना बेस्ट दिया। टीम की हार से निराश होगी, पर यह खेल का हिस्सा है। हम अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ अगले मैच में फिर से पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। इब्राहिम जादरान को खुद पर फख्र करना चाहिए। वह पहले अफगान खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वर्ल्ड कप में शतक जमाया है।


