नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के 15 साल के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के दौरान अपने सीनियर साथियों से अलग चेंजिंग रूम का इस्तेमाल करना होगा। यह फैसला 16 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों पर लागू होने वाले सेफगार्डिंग नियमों के तहत लिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इस सीरीज में नियमों के मुताबिक अंडर-16 खिलाड़ी वयस्कों के चेंजिंग रूम का उपयोग नहीं कर सकते। इसके चलते इंग्लैंड के सभी 5 वेन्यू पर वैभव के लिए अलग चेंजिंग फैसिलिटी की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, मैच और टीम मीटिंग्स के दौरान उन्हें भारतीय ड्रेसिंग रूम में रहने की पूरी अनुमति होगी, यह पाबंदी केवल मैच से पहले और बाद में कपड़े बदलने के समय ही लागू होगी।
आयरलैंड दौरे पर नियमों को लेकर स्थिति साफ नहीं
वैभव सूर्यवंशी आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों की सीरीज में डेब्यू कर भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल क्रिकेटर बनने की दहलीज पर हैं, जिसके बाद भारतीय टीम 1 जुलाई से शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड रवाना होगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि आयरलैंड में होने वाले दो मैचों के दौरान ऐसी व्यवस्था होगी या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है क्योंकि वे मैच आईसीसी के बजाय क्रिकेट आयरलैंड के नियमों के तहत खेले जाएंगे। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इंग्लैंड में होने वाली सीरीज एक आईसीसी इवेंट की तरह है, जहां उनके सेफगार्डिंग प्रोसीजर और ईसीबी की सेफ हैंड्स पॉलिसी पूरी तरह लागू रहेगी। प्रत्येक वेन्यू के सुरक्षा अधिकारी भारतीय टीम के लायजन ऑफिसर के साथ मिलकर इन नियमों का पालन सुनिश्चित कर रहे हैं।
पूरे दौरे पर साथ रहेंगे माता-पिता
इस ऐतिहासिक और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच ईसीबी ने यह भी पुष्टि की है कि वैभव सूर्यवंशी के माता-पिता पूरे यूके दौरे के दौरान उनके साथ यात्रा करेंगे। बोर्ड ने बताया कि वैभव की कम उम्र को देखते हुए इस बार सामान्य टीम प्रोटोकॉल से हटकर एक विशेष छूट दी गई है। इसके तहत उनके माता-पिता को उसी होटल में ठहरने की अनुमति दी गई है जहां भारतीय टीम रुकेगी। ईसीबी के अनुसार, इस अतिरिक्त उपाय से बोर्ड और टीम मैनेजमेंट को यह भरोसा रहेगा कि वैभव को उनके परिवार का पूरा सहयोग और देखभाल मिल सकेगी, जो इस उम्र में एक खिलाड़ी के मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए बेहद जरूरी है।
फुटबॉल की तर्ज पर क्रिकेट में भी नियम
इंग्लैंड में इस तरह के नियम अन्य खेलों में भी बेहद आम हैं। उदाहरण के तौर पर, मशहूर फुटबॉल क्लब आर्सेनल के मिडफील्डर मैक्स डॉवमैन को भी पिछले साल 16 वर्ष का होने तक सीनियर साथियों से अलग चेंजिंग रूम और सुविधाओं का इस्तेमाल करना पड़ता था। क्रिकेट जगत में इतने कम उम्र के खिलाड़ी का सीनियर इंटरनेशनल स्तर पर आना बेहद दुर्लभ है, यही वजह है कि ईसीबी और आईसीसी मिलकर वैभव की सुरक्षा और वेलफेयर को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। 15 साल के वैभव के लिए यह दौरा मैदान पर खेल के लिहाज से जितना बड़ा है, मैदान के बाहर इन कड़े पेशेवर नियमों को समझने के लिहाज से भी उतना ही महत्वपूर्ण होने वाला है।


