नई दिल्ली: 86 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले रतन टाटा का 10 अक्टूबर को मुंबई में अंतिम संस्कार हुआ। देश और दुनिया के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा किसी पहचान के मोहताज नहीं। उनकी शख्सियत कुछ ऐसी रही कि उन्हें हर कोई पसंद करता है। रतन टाटा के रहते हुए टाटा ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों ने देश के खिलाड़ियों को हमेशा सपोर्ट किया। वो खेल में काफी रुचि रखते थे। उनकी सहायता से कई खिलाड़ी आगे बढ़े और बाद में भारतीय टीम में जगह बनाई। बीसीसीआई और टाटा ग्रुप के बीच भी कनेक्शन काफी मजबूत रहा है।
जब टाटा ने IPL को किया था सपोर्ट
टाटा समूह कई साल से क्रिकेट टूर्नामेंट स्पॉन्सर करता आ रहा है। इसकी शुरुआत 1996 में टाइटन कप से हुई, हालांकि साल 2000 में मैच फिक्सिंग के कारण टाटा ग्रुप ने क्रिकेट से दूरी बना ली थी। मगर साल 2020 में भारत-चीन सीमा विवाद के बीच जब आईपीएल ने चाइनीज फोन कंपनी वीवो को आईपीएल की स्पॉन्सरशिप से हटाया तब वो टाटा समूह ही था, जिसने भारतीय टी-20 लीग को सपोर्ट किया। हर गुजरते सीजन के साथ आईपीएल को टाटा का सपोर्ट भी बढ़ता गया। 2024 सीजन से पहले टाटा ने 2,500 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बोली लगाकर चार साल के लिए स्पॉन्सरशिप हासिल की थी, आईपीएल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बोली भी है।
BCCI सचिव ने भी दी श्रद्धांजलि
क्रिकेट को रतन टाटा का आशीर्वाद सिर्फ मेंस क्रिकेट तक ही सीमित नहीं था। जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2023 में वीमेंस प्रीमियर लीग लॉन्च की थी, तब टाटा समूह ने उसे भी प्रायोजित किया था। टाटा के पास ही 2027 तक WPL की भी स्पॉन्सरशिप है। दुख के इस मौके पर बीसीसीआई ने भी रतन टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित की। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘श्री रतन टाटा जी के निधन से बहुत दुख हुआ। उनके नेतृत्व, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण ने विरासत के लिए उल्लेखनीय मानक स्थापित किए। उनके प्रिय जनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। श्रद्धांजलि, सर।’ भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी एक खास पोस्ट में उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, ‘भारत माता का सच्चा रत्न!’


