रियो और तोक्यो में पिछले दो ओलंपिक में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीतने वाली सिंधू का लक्ष्य तीन ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनने का है। सिंधू ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय बैडमिंटन संघ द्वारा आयोजित बातचीत के दौरान कहा, ‘‘यह चुनौतीपूर्ण है। यह आसान नहीं है, पर असंभव भी नहीं है।’’
नयी दिल्ली। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू शारीरिक और मानसिक रूप से अच्छी स्थिति में हैं लेकिन उन्हें महसूस होता है कि ओलंपिक में तीसरा पदक जीतने के लिए उन्हें और अधिक ‘चतुर ’ होने की जरूरत है। रियो और तोक्यो में पिछले दो ओलंपिक में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीतने वाली सिंधू का लक्ष्य तीन ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनने का है। सिंधू ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) द्वारा आयोजित बातचीत के दौरान कहा, ‘‘यह चुनौतीपूर्ण है। यह आसान नहीं है, पर असंभव भी नहीं है।’’
सिंधू ने कहा, ‘‘शारीरिक और मानसिक रूप से मैं फिट हूं, बस मुझे स्मार्ट होना है और मेरे कोच अगुस (द्वी सैंटोसो) इसका ध्यान रख रहे हैं। मेरे ट्रेनर भी ध्यान रख रहे हैं। मैं सभी स्ट्रोक्स पर काम कर रही हूं, चाहे वो डिफेंस हो, या अटैक या नेटप्ले। सभी चीजों में परफेक्ट होना महत्वपूर्ण है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सिर्फ एक स्ट्रोक या तकनीक पर फोकस नहीं कर रही हूं। आप नहीं जानते कि क्या होने वाला है। ऐसे खिलाड़ी हैं जो काफी समझदार हैं और रणनीति में बदलाव करके प्लान बी पर आ जाते हैं। आपको इसके लिए तैयार रहने की जरूरत है। मेरा फोकस अभ्यास करने पर है।


