पानीपत/भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के चुनावों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रोक लगाने के आदेश पर हस्तक्षेप करने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने याचिकाकर्ता, आंध्र प्रदेश एमेच्योर कुश्ती संघ से अपनी शिकायतों के साथ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा है।
पीठ ने कहा, “हमें इस मामले पर सुनवाई क्यों करनी चाहिए? आप उच्च न्यायालय जाएं, अंतरिम रोक हटाने के लिए आवेदन करने के बजाय, याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प चुना है। इसलिए, हम इस विशेष अनुमति याचिका पर विचार करने से इनकार करते हैं।”
हाईकोर्ट ने WFI चुनाव पर रोक जारी रखते हुए मामले की सुनवाई 25 सितंबर तक स्थगित कर दी है। इससे पहले हाईकोर्ट ने 11 अगस्त को चुनाव पर रोक का आदेश जारी किया था।

मतदान से 1 दिन पहले 11 अगस्त को लगाई थी रोक
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने मतदान से एक दिन पहले, 11 अगस्त को कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा की अगुवाई वाली हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन (HWA) की याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव पर रोक लगा दी थी। HWA ने WFI चुनाव में वोटिंग का अधिकार न दिए जाने पर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।
HWA की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में दलील दी गई कि WFI चुनाव में उसे वोटिंग का अधिकार नहीं दिया गया, जबकि वह WFI और हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन से एफिलिएटेड हैं। HWA का कहना था कि उसकी जगह हरियाणा एमेच्योर रेसलिंग एसोसिएशन (HAWA) को वोटिंग का अधिकार दिया गया है जो गलत है।
हरियाणा एमेच्योर रेसलिंग एसोसिएशन (HAWA) के वकील ने HWA के दावे को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में कहा कि उनकी संस्था रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से एफिलिएटेड हैं इसलिए उसे WFI चुनाव में वोट डालने का अधिकार है।
काफी देर चली बहस में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने WFI के 12 अगस्त को होने वाले चुनाव पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई 28 अगस्त तय कर दी। अब अगली तारीख 25 सितंबर तय की गई है।
