भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की शीर्ष परिषद की बैठक के बाद जानकारी सामने आई कि बोर्ड ने टोक्यो ओलंपिक के लिए 18 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को इसमें से एक-चौथाई रकम भी नहीं मिला और 14 करोड़ रुपये प्रमोशन के लिए खर्च हो गए। मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 4 करोड़ रुपये नकद पुरस्कार दिए गए। प्रचार प्रसार करने वाली कंपनी को सात करोड़ रुपये। नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, रवि दहिया, पीवी सिंद्धू, लवलीना बोरगोहेन, बजरंग पुनिया और मेंस हॉकी टीम शामिल थी।
बीसीसीआई ने जो जानकारी दी उसके हिसाब से इन 18 करोड़ रुपये में से भारत में टोक्यो ओलंपिक के प्रचार-प्रसार पर काम करने वाली विज्ञापन एजेंसी के लिए 7 करोड़ रुपये खर्च हुए। गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा को 1 करोड़ और मेंस हॉकी टीम को 1.25 करोड़ रुपये मिला। बाकी सभी एथलीटों में से किसी को 25 लाख और किसी को 50 लाख रुपये मिले।बीसीसीआई ने जो खर्चा बताया है, उसमें से ओलिंपिक अभियान टी-शर्ट के लिए 98 लाख रुपये। गायक मोहित चौहान को भारतीय दल के लिए आधिकारिक ओलंपिक थीम सांग “लक्ष्य तेरे सामने है, जीत के आना” के लिए 70 लाख रुपये दिए। इसके अलावा एथलीटों के लिए ‘पीएम केयर्स’ स्मृति चिन्ह देने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च हुए। कोरोना काल के दौरान दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड ने अन्य खेलों की मदद की थी। यह खर्च उसी का हिस्सा है।
