नई दिल्ली: भारतीय स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल न किए जाने के बाद उनके वनडे करियर को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि, बीसीसीआई ने उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में जगह दी है लेकिन 50 ओवर के फॉर्मेट से उनका बाहर होना क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। वनडे टीम से लगातार नजरअंदाज किए जाने के चलते अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि 2027 का वनडे विश्व कप खेलने का जडेजा का सपना लगभग टूटता हुआ नजर आ रहा है।
रविंद्र जडेजा वनडे टीम से बाहर
सेलेक्टर्स ने भविष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए जडेजा की जगह युवा ऑलराउंडरों और विकल्पों को प्राथमिकता दी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए अक्षर पटेल के साथ-साथ नमन धीर और नितिश कुमार रेड्डी जैसे युवाओं पर भरोसा जताया गया है। अक्षर पटेल को जडेजा के सीधे और मजबूत विकल्प के रूप में देखा जा रहा है जो अपनी किफायती गेंदबाजी और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से खुद को इस फॉर्मेट में लगातार साबित कर रहे हैं। ऐसे में चयन समिति के इस कड़े फैसले से स्पष्ट संदेश मिलता है कि वे आगामी वर्ल्ड कप के लिए नई ऑलराउंडर जोड़ी को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले थे जडेजा
यह फैसला इसलिए भी बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला है क्योंकि हाल ही में जब वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर आई थी तब जडेजा तीनों वनडे मैचों की प्लेइंग इलेवन का मुख्य हिस्सा थे। हालांकि, उस समय जडेजा को मौका मिलने की बड़ी वजह यह थी कि अक्षर पटेल एशियन गेम्स के लिए भारतीय टी-20 टीम के साथ व्यस्त थे। अक्षर की गैरमौजूदगी में चयनकर्ताओं ने जडेजा को अनुभवी विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किया था, लेकिन जैसे ही अक्षर पटेल की वापसी हुई जडेजा को एक बार फिर वनडे स्क्वाड से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
शानदार रहा है जडेजा का करियर
रविंद्र जडेजा का वनडे क्रिकेट इतिहास बेहद शानदार रहा है। उन्होंने भारत के लिए 190 से अधिक वनडे मुकाबले खेले हैं, जिनमें उन्होंने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर कई यादगार जीत दिलाई हैं। जडेजा भारत के लिए 2015, 2019 और 2023 के तीन वनडे विश्व कप का हिस्सा रह चुके हैं। 2019 के विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई उनकी 77 रनों की जुझारू पारी आज भी फैंस के दिलों में ताजा है। वनडे क्रिकेट में जडेजा के नाम 2,750 से अधिक रन दर्ज हैं जिसमें 13 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं गेंदबाजी में उन्होंने अपनी धारदार स्पिन के बल पर 220 से अधिक बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया है।
37 साल की उम्र में टीम से इस तरह बाहर किया जाना और युवाओं को मौका मिलना यह साफ इशारा करता है कि भारतीय टीम प्रबंधन अब 2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं में उनसे आगे बढ़ चुका है। अगर आने वाले समय में वे वनडे टीम में वापसी नहीं कर पाते हैं, तो वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई श्रृंखला उनके वनडे करियर का आखिरी अध्याय साबित हो सकती है।


