नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में उतरने से पहले जापान के खिलाफ होने वाले ऐतिहासिक एक टी20 मुकाबले के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) दुनिया भर में क्रिकेट के प्रसार के लिए एक गॉडफादर की भूमिका में नजर आ रहा है। जापान में क्रिकेट को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और वहां के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने के लिए भारत का यह दौरा क्रिकेट को विस्तार देने की दिशा में एक अहम कदम है। जिस तरह बांग्लादेश और अफगानिस्तान को वर्ल्ड लेवल पर स्थापित करने में भारत ने मदद की ठीक उसी राह पर अब जापानी क्रिकेट को भी भारतीय सहयोग से नई ऊर्जा मिलने जा रही है।
कई देशों को बीसीसीआई से मदद मिली
वर्ल्ड क्रिकेट के विकास में भारत का योगदान सिर्फ बड़ी टीमों या एशियाई देशों तक सीमित नहीं रहा है। बीसीसीआई ने नेपाल, ओमान, यूएई और अमेरिका जैसी उभरती हुई टीमों को भी लगातार इंटरनेशनल लेवल का मंच प्रदान किया है।
नेपाल और ओमान के खिलाड़ियों के लिए भारत में ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने से लेकर ग्रेटर नोएडा और देहरादून के मैदानों को अफगानिस्तान का होम ग्राउंड बनाने तक भारत ने इन छोटी टीमों के लिए मैच एक्सपोजर को सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई है। अमरीका में क्रिकेट के आधार को मजबूत करने के लिए भी बीसीसीआई के मॉडल और तकनीकी सहायता ने बड़ा योगदान दिया है।
जापान का भी क्रिकेट से होगा जुड़ाव
जापान के साथ आगामी मुकाबला इस बात का प्रमाण है कि भारत सिर्फ एक क्रिकेट महाशक्ति नहीं बल्कि खेल को नए देशों तक पहुंचाने वाला मार्गदर्शक भी है। टी20 फॉर्मेट के जरिए उभरते हुए देशों को मुख्यधारा में लाने का यह प्रयास छोटे क्रिकेट बोर्ड्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है। जापानी खिलाड़ियों को भारतीय टीम के खिलाफ खेलने से जो अनुभव और आत्मविश्वास मिलेगा वह न केवल उनके घरेलू क्रिकेट के स्तर को सुधारेगा बल्कि आने वाले समय में पूर्वी एशिया में क्रिकेट के एक नए युग की नींव भी रखेगा।


