नई दिल्ली:भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और चयन समिति के हेड सेलेक्टर अजीत अगरकर के बीच की विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अगरकर के संभावित इस्तीफे की खबरों के बीच नेशनल क्रिकेट अकादमी के हेड वीवीएस लक्ष्मण और उनके बीच के गहरे मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। मुंबई में इंग्लैंड सीरीज में मिली करारी हार और भावी रणनीतियों की समीक्षा के लिए आयोजित अहम बैठक में अगरकर के शामिल न होने को उनके और बोर्ड के रिश्तों में पूर्णविराम के रूप में देखा जा रहा है।
लक्ष्मण से अजीत अगरकर का विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, समीक्षा बैठक से अगरकर की दूरी को अंदरूनी हलकों में एक राहत की तरह देखा गया। माना जा रहा है कि यदि अगरकर उस बैठक में मौजूद होते तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कामकाज और खिलाड़ियों के मैनेजमेंट को लेकर वीवीएस लक्ष्मण के साथ उनकी तीखी बहस हो सकती थी। कभी भारतीय टीम में एक साथ खेलने वाले अगरकर और लक्ष्मण के बीच चोटिल खिलाड़ियों के नीतिगत प्रबंधन और इंडिया ए टीम के दौरों के समय को लेकर लंबे समय से गंभीर असहमति चल रही थी।
दोनों दिग्गजों के बीच थे मतभेद
दोनों दिग्गजों की सोच में सबसे बड़ा अंतर टीम चयन की प्राथमिकताओं को लेकर था। लक्ष्मण जहां हर स्तर के मुकाबले में अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग-11 मैदान पर उतारने के पक्षधर रहे हैं, वहीं अगरकर का दृष्टिकोण व्यावहारिक था। लक्ष्मण की कार्यशैली को करीब से देखने वाले एक पूर्व राज्य टीम कोच के अनुसार, ‘यदि आप यह सोचते हैं कि वीवीएस लक्ष्मण की हर हाल में जीतने की जिद विराट कोहली या सौरव गांगुली से कम है, तो आप गलत हैं। प्रतियोगिता कोई भी हो, लक्ष्मण हमेशा चाहते थे कि सर्वश्रेष्ठ एकादश ही मैदान पर उतरे।’इंडिया ए टीम के मैचों की तिथियों का घरेलू टूर्नामेंट्स से टकराना भी दोनों दिग्गजों के बीच टकराव का मुख्य कारण बना। पुडुचेरी में होने वाले इंडिया ए मैचों का श्रीनगर में आयोजित ईरानी कप के साथ समय टकराना, और न्यूजीलैंड ए के खिलाफ सीरीज का वनडे, टी20 सीरीज के साथ ओवरलैप होना नीतिगत चूक मानी गई।
इस बात पर भी विवाद
इसके अलावा, केंद्रीय अनुबंध वाले चोटिल खिलाड़ियों की वापसी की कोई स्पष्ट समय-सीमा तय न होना भी विवाद का विषय रहा। मीडिया में स्टार खिलाड़ियों की विस्तृत इंजरी लिस्ट लीक होने के बाद दोनों पक्षों में आपसी अविश्वास और गहरा गया। लक्ष्मण इस बात से खासे नाराज थे कि COE को उन वजहों के लिए निशाना बनाया गया जो उनके नियंत्रण में नहीं थीं।