नई दिल्ली । 22 साल बाद ईस्टबंगाल ने डूरंड कप अपने नाम कर लिया। वह भी अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी मोहनबागान को फाइनल में 4-1 से हराकर। इस शानदार जीत के बाद रविवार रात से ही लाल-पीले समर्थकों का जश्न शुरू हो गया, जो सोमवार सुबह तक जारी रहा।
डूरंड ट्रॉफी रविवार रात ही ईस्टबंगाल क्लब पहुंच गई थी। सोमवार सुबह 10 बजे क्लब में विजय ध्वज फहराया गया। बड़ी संख्या में सदस्य और समर्थक ट्रॉफी की एक झलक पाने के लिए क्लब पहुंचे।
क्लब अध्यक्ष मुरारीलाल लोहिया सहित कई पदाधिकारी और अधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे। मुरारीलाल लोहिया ने ध्वजारोहण किया और उसके बाद ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाई गईं।
फाइनल में ईस्टबंगाल की ओर से एडमंड लालरिनडिका ने हैट्रिक जमाई, जबकि बिपिन सिंह ने एक गोल किया। मोहनबागान के लिए मनवीर सिंह ने एकमात्र गोल किया।
2023 के डूरंड फाइनल में मोहनबागान से हारने वाली ईस्टबंगाल टीम ने इस बार उसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शानदार पलटवार किया। ग्रुप चरण में मिली हार का हिसाब भी फाइनल में चुकता कर दिया।
पिछले सत्र में आईएसएल खिताब जीतने के बाद अब डूरंड कप की जीत ने ईस्टबंगाल के गौरव को और बढ़ा दिया है। साथ ही टीम ने एएफसी चैंपियंस लीग-2 के मुख्य दौर में भी जगह बनाई है।
**ईस्टबंगाल के लिए यह सिर्फ एक ट्रॉफी की जीत नहीं, बल्कि 22 साल के इंतजार के बाद लौटे गौरव, आत्मविश्वास और लाल-पीले जुनून की जीत है।**


