नई दिल्ली: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की स्टार वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कमाल कर दिया है। उन्होंने महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ज्ञानेश्वरी ने क्लीन एंड जर्क के अपने तीसरे चांस में 111 किलो वजन उठाकर नया रिकॉर्ड भी बना दिया। उनकी इस जीत से भारत मेडल लिस्ट में पांचवें नंबर पर पहुंच गया है।
छोटे से शहर से निकलकर बनाई अपनी पहचान
ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही वेटलिफ्टिंग शुरू कर दी थी। राज्य के खेल कार्यक्रमों से आगे बढ़ते हुए उन्होंने नेशनल लेवल पर लगातार शानदार खेल दिखाया। उनकी लगन और बेहतरीन तकनीक की वजह से ही आज वे देश की सबसे बेहतरीन वेटलिफ्टर्स में गिनी जाती हैं।
पटियाला में ट्रेनिंग और इंटरनेशनल लेवल पर कमाल
ज्ञानेश्वरी पटियाला के नेशनल स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (NS NIS) में ट्रेनिंग लेती हैं। इस सिल्वर मेडल से पहले भी वे इंटरनेशनल लेवल पर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। इसी साल उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल और सामोआ में हुए यूनिवर्सल कप में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं साल 2024 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में वे 5वें नंबर पर रही थीं।
सरकार व खेल मंत्रालय का मिला साथ
ज्ञानेश्वरी की इस बड़ी कामयाबी के पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ सरकार का भी बड़ा हाथ रहा है। पटियाला में ट्रेनिंग कैंप से लेकर विदेशों में हुए मैचों तक, सरकार ने उनके खर्च में पूरी मदद की। कॉमनवेल्थ गेम्स की बेहतर तैयारी के लिए सरकार ने उन्हें बर्मिंघम के एक क्लब में खास ट्रेनिंग के लिए भी भेजा था, जिसका फायदा आज मैदान पर साफ देखने को मिला।


