नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक और बड़ा मुकाम हासिल करने के बेहद करीब हैं। सिर्फ15 साल की उम्र में उन्होंने जूनियर क्रिकेट, घरेलू क्रिकेट, इंडिया ए और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करके सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उन्हें भारतीय टी20 टीम में भी शामिल कर लिया गया है। 26 जून को भारत को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज का पहला मुकाबला खेलना है। माना जा रहा है कि इस मैच में वैभव इंटरनेशनल डेब्यू कर सकते हैं। उनका डेब्यू होता है तो भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे।
राहुल द्रविड़ ने की जमकर तारीफ
भारत के पूर्व मुख्य कोच और राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने भी वैभव की खूब प्रशंसा की है। द्रविड़ ने बीसीसी से कहा, ‘वैभव के पास गेंदबाज की गति को जल्दी समझने की क्षमता है। इसके साथ ही उनमें क्रिकेट की समझ और निडरता भी है। इन सभी गुणों का शानदार मेल उन्हें खास बनाता है। सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी तैयार करने का कोई तय फॉर्मूला नहीं होता। कुछ प्रतिभाएं जन्मजात होती हैं और वैभव भी उन्हीं खिलाड़ियों में से एक हैं।
मेहनत को बताया सफलता का कारण
राहुल द्रविड़ का मानना है कि वैभव की सफलता सिर्फ उनकी प्रतिभा का नतीजा नहीं है। उन्होंने बताया कि युवा बल्लेबाज ने अपनी तकनीक और खेल को बेहतर बनाने के लिए काफी मेहनत की है। द्रविड़ ने कहा, ‘उसने बचपन से ही बहुत अभ्यास किया है और हजारों गेंदें खेली हैं। राजस्थान रॉयल्स में रहते हुए मैंने उसकी मेहनत को करीब से देखा है।’
वैभव को संभालकर रखने की जरूरत
द्रविड़ ने यह भी कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने के बाद वैभव को सही मार्गदर्शन मिलना बहुत जरूरी होगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि उसे सही तरीके से सपोर्ट मिलेगा ताकि वह अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सके। ऐसे खिलाड़ी को संभालकर रखना जरूरी होता है, लेकिन साथ ही उसे खुलकर खेलने और आगे बढ़ने की आजादी भी देनी चाहिए।’


