भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ी, वैभव सूर्यवंशी और विशेन हलमबेज के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हो गई थी। इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए मैच रेफरी प्रदीप जयप्रगाश ने श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन पर जुर्माना लगा दिया है। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी पर कोई कार्रवाई या बैन लगाया गया है या नहीं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यावंशी से बदतमीजी करने वाले श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलमबेज को इस मामले में सबसे मुख्य और बड़ी सजा मिली है।
निरोशन डिकवेला पर भी मैच रेफरी ने लगाया जुर्माना
दिलचस्प बात यह है कि मैच रेफरी ने श्रीलंका A के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला पर भी जुर्माना लगाया है। हैरान करने वाली बात इसलिए है क्योंकि डिकवेला वही खिलाड़ी थे जिन्होंने मैदान पर हलमबेज और वैभव सूर्यावंशी के बीच हो रही लड़ाई को शांत कराया था। हालांकि, यह साफ किया गया है कि डिकवेला को इस लड़ाई की वजह से सजा नहीं मिली है, बल्कि उन पर किसी दूसरे नियम को तोड़ने के लिए जुर्माना लगाया गया है। उनके ऊपर मैदान पर अंपायर से बहुत ज्यादा अपील करने के लिए जुर्माना लगाया गया है।
अंपायरों की रिपोर्ट पर बिना किसी सुनवाई के रेफरी ने लिया फैसला
मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश ने इस मामले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों को बुलाकर कोई आमने-सामने पूछताछ या औपचारिक सुनवाई नहीं की। उन्होंने मैदान पर मौजूद अंपायरों की रिपोर्ट को सही माना और उसी के आधार पर सीधे खिलाड़ियों को सजा सुना दी। 42 साल के प्रदीप जयप्रकाश श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने अपने पूरे करियर में सिर्फ एक इंटरनेशनल मैच खेला है, जो साल 2005 में भारत के खिलाफ था। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने जीवन का वह इकलौता मैच भी दांबुला के मैदान पर खेला था।
SLC की इस कार्रवाई में ICC की कोई भूमिका नहीं
ट्राई सीरीज के चौथे मैच में मैदान पर जो कुछ भी हुआ, उसे लेकर श्रीलंका के क्रिकेट जगत में काफी दुख और पछतावा है। वहां के लोग इस बात से ज्यादा परेशान हैं कि भारत और श्रीलंका के खिलाड़ियों के बीच यह शर्मनाक लड़ाई खुद उनके ही देश श्रीलंका में हुई। आपको बता दें कि दोषी खिलाड़ियों पर यह सख्त कार्रवाई श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने की है, इसमें इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) का कोई हाथ नहीं है।


