नई दिल्ली।टेस्ट क्रिकेट में मौजूदा समय में देखा जाए तो कुछ टॉप की टीमों का ही बेहतर प्रदर्शन देखने को मिलता है, जिसके चलते फैंस की भी इस फॉर्मेट को लेकर अधिक रुचि देखने को नहीं मिलती है। भारतीय टीम अभी घर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है, जिसके पहले मैच को उन्होंने सिर्फ तीन दिनों के अंदर पारी और 140 रनों से अपने नाम करने के साथ सीरीज में 1-0 की बढ़त भी हासिल कर ली। वहीं पहले टेस्ट मैच में दोनों टीमों के खेल में साफतौर पर बड़ा अंतर देखने को मिला, जिसके बाद अब दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने वाले सीरीज के दूसरे मुकाबले से पहले विंडीज टीम के हेड कोच डैरेन सैमी का अपनी टीम के टेस्ट क्रिकेट में लगातार गिरते प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान सामने आया है।
यह कैंसर की तरह है जो व्यवस्था में पहले से था
वेस्टइंडीज टीम के हेड कोच डैरेन सैमी ने दिल्ली टेस्ट से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी टीम के इस फॉर्मेट में गिरते हुए प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि वेस्टइंडीज में टेस्ट क्रिकेट का पतन सिस्टम में मौजूद कैंसर की तरह है जिसकी शुरुआत काफी पहले ही हो गई थी। हमारे पास छोटे फॉर्मेट के काफी रोल मॉडल अगली पीढ़ी के लिए उपलब्ध हैं और संसाधन भी हैं जिससे उनका ध्यान उसी फॉर्मेट को खेलने पर अधिक है। आखिरी बार हमने यहां टेस्ट सीरीज साल 1983 में जीती थी जब मैं पैदा हुआ था। मुझे पता है कि मुझ पर नजरें होंगी। हम आलोचना से कतराते नहीं हैं लेकिन समस्या की जड़ दो साल पुरानी नहीं है। यह कैंसर की तरह है जो व्यवस्था में पहले से था, अगर आपको कैंसर नहीं होता, तो आपको पता है कि क्या होता है। ये हमारे ये सिस्टम में गहराई से जड़ें जमा चुकी है।
हमने उस तरह से फायदा नहीं उठाया जैसे आज भारत उठा रहा है
डैरेन सैमी ने अपने बयान में आगे कहा कि एक समय जब वेस्टइंडीज टीम वर्ल्ड की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक थी तो उन्होंने इसका उस तरह से व्यवहारिक फायदा नहीं उठाया जैसा मौजूदा समय में भारत जैसी टॉप की टीमें उठा रही हैं। हम पिछले काफी समय से वित्तीय तौर पर संघर्ष कर रहे हैं, जिसको लेकर हमें आगे बढ़ने के लिए फाइनेंशियल तौर पर मदद की जरूरत भी है, जिससे हम आगे बढ़ सके।


