भारत और पाकिस्तान 41 साल में पहली बार एशिया कप के फाइनल में एक-दूसरे का सामना करने के लिए तैयार हैं। ग्रुप और सुपर-4 स्टेज में हुए पाकिस्तान के खिलाफ 2 मुकाबलों को भारत ने एकतरफा अंदाज में अपने नाम किया। क्या आज का फाइनल भी वन साइडेड ही होगा?
एशिया कप 17वीं बार खेला जा रहा है। 1984 में पॉइंट्स टेबल के आधार पर टीम इंडिया को चैंपियन घोषित किया गया। उसके बाद हुए 15 फाइनल में 13 बार टीमों ने एकतरफा जीत ही हासिल की। महज 2 बार खिताबी मुकाबला के नतीजा आखिरी गेंद पर तय हुआ।
एशिया कप फाइनल का ट्रैक रिकॉर्ड
2012 में पहला करीबी फाइनल हुआ
1984 से 2010 तक हर बार टीमों ने एकतरफा अंदाज में ही खिताबी मुकाबला जीता। 2012 में पहली बार रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, तब पाकिस्तान ने 100 ओवर चले मुकाबले को महज 2 रन से जीता था। मीरपुर में बांग्लादेश को आखिरी ओवर में 9 रन चाहिए थे, लेकिन टीम 6 रन ही बना सकी।
2012 में पाकिस्तान ने आखिरी बार एशिया कप टाइटल जीता था। इसके बाद टीम 2 बार फाइनल में जरूर पहुंची, लेकिन दोनों बार श्रीलंका से हार गई। अब टीम भारत के खिलाफ फाइनल खेलने वाली है।
2018 में आखिरी गेंद पर जीत सका भारत
एशिया कप का दूसरा करीबी फाइनल मुकाबला 2018 में दुबई के मैदान पर खेला गया। तब बांग्लादेश ने पहले बैटिंग करते हुए 222 रन बनाए। दुबई की धीमी पिच पर भारत ने 200 रन तक 5 ही विकेट गंवाए थे। आखिरी ओवरों में रवींद्र जडेजा और भुवनेश्वर कुमार भी पवेलियन लौट गए।
केदार जाधव को इंजरी के कारण रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा था। वे 7 विकेट गिरने के बाद बैटिंग करने आए, लेकिन उन्हें रन दौड़ने में बहुत परेशानी हो रही थी। उनके सामने कुलदीप यादव थे। आखिरी ओवर में 6 रन चाहिए थे, टीम ने 5 रन बना लिए। आखिरी गेंद पर 1 रन की जरूरत थी, महमूदुल्लाह ने लेग स्टंप की ओर बॉल फेंकी। जाधव ने लेग साइड की ओर गेंद खेलकर लड़खड़ाते हुए सिंगल लिया और भारत को 3 विकेट से रोमांचक मुकाबला जिता दिया।
भारत ने 6 फाइनल एकतरफा जीते
भारत ने अब तक 8 बार एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की है। 2018 में मुकाबला आखिरी गेंद तक चला। वहीं 1984 में पॉइंट्स टेबल के आधार पर ट्रॉफी मिली। इनके अलावा टीम ने जो 6 खिताब जीते, उनमें फाइनल में एकतरफा दबदबा बनाया। 2023 में पिछला फाइनल तो कुछ ज्यादा ही भारत के पक्ष में चला गया।
कोलंबो में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी श्रीलंका की टीम महज 50 रन पर सिमट गई। मोहम्मद सिराज ने 21 रन देकर 6 विकेट लिए। भारत ने फिर 6.1 ओवर में बगैर विकेट गंवाए ही टारगेट हासिल कर लिया। 2023 के अलावा भारत ने 1988, 1991, 1995, 2010 और 2016 में भी दबदबा दिखाते हुए ट्रॉफी अपने नाम की।
पाकिस्तान एक ही बार दबदबा दिखा सका
पाकिस्तान ने अब तक 2 ही एशिया कप जीते हैं। 2012 में टीम आखिरी ओवर में 9 रन बचाकर 2 रन के करीबी अंतर से जीत पाई थी। वहीं 2000 के फाइनल में टीम ने श्रीलंका के खिलाफ 277 रन बना दिए। जवाब में श्रीलंका से मारवान अटपट्टू ने सेंचुरी जरूर लगाई, लेकिन टीम 238 रन ही बना सकी। पाकिस्तान ने 39 रन के अंतर से मुकाबला जीत लिया।
भारत 3 बार फाइनल में एकतरफा हारा
भारत ने एशिया कप के 10 फाइनल खेले। 6 बार टीम ने एकतरफा जीत हासिल, एक मुकाबला आखिरी गेंद तक चला। वहीं 3 बार टीम को एकतरफा हार भी मिली। तीनों बार श्रीलंका ने बाजी मारी। 1997 में श्रीलंका 37वें ओवर में ही 8 विकेट के अंतर से जीत गया। 2004 में श्रीलंका ने 25 रन से हराया, वहीं 2008 टीम को 100 रन के बड़े अंतर से हार मिली।
पाकिस्तान ने भी 3 फाइनल एकतरफा गंवाए
पाकिस्तान ने एशिया कप के 5 फाइनल खेले। टीम 1 बार करीबी अंतर से जीती, वहीं 1 बार एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की। हालांकि, 3 बार टीम को श्रीलंका ने एकतरफा फाइनल हरा दिया। 1986 में श्रीलंका 42.2 ओवर में 5 विकेट खोकर ही जीत गया। 2014 में पाकिस्तान टीम 46.2 ओवर में 5 विकेट से हारी। वहीं 2022 के टी-20 फाइनल में टीम को 23 रन की हार मिली। 170 के जवाब में टीम 147 रन तक ही पहुंच सकी।


