मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच के चौथे दिन टीम इंडिया ने दमदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया को उसकी दूसरी पारी में झकझोर कर रख दिया। हालांकि, मार्नस लाबुशेन ने दमदार अर्धशतकीय पारी खेली जिससे मेजबान टीम ने दिन की समाप्ति तक 9 विकेट पर 228 रन बना लिए, जिससे उसे 333 रनों की बढ़त मिल गई। हालांकि, एक समय ऐसा था जब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को भारतीय फील्डरों की तरफ से जीवनदान भी मिले, जिसके कारण कप्तान रोहित शर्मा काफी गुस्सा हो गए।
खास तौर से यशस्वी जायसवाल से कप्तान रोहित शर्मा काफी निराश थे। खेल के चौथे दिन यशस्वी जायसवाल ने दो महत्वपूर्ण कैच छोड़े जिसमें से एक तो काफी महंगा पड़ गया। यशस्वी के पहला कैच ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के तीसरे ओवर में छोड़ा जब उस्मान ख्वाजा के बैट से गेंद लगकर गली स्लिप में गई। हालांकि, ख्वाजा इस जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाए और जल्दी ही उन्हें मोहम्मद सिराज ने बोल्ड कर दिया।
उस्मान ख्वाजा के बाद यशस्वी जायसवाल ने दूसरा कैच पारी के 40वें ओवर में मार्नस लाबुशेन का छोड़ा। मार्नस लाबुशेन उस समय तक ऑस्ट्रेलिया के लिए अकेले मैदान पर डटे हुए थे। लाबुशेन को आकाश दीप सिंह ने एक लेंथ बॉल की जिस पर उन्होंने अपने बल्ले को मुंह खोल दिया और गेंद ने किनारा लेते हुए स्लिप में यशस्वी की तरफ चला गया।
यशस्वी के लिए यह कैच बिल्कुल भी मुश्किल नहीं था, लेकिन इसके बावजूद गेंद उनके हाथ से गेंद फिसल गया। ऐसे में कैच छूटते ही कप्तान रोहित शर्मा बुरी तरह से बिफर गए और यशस्वी को डांट लगा दी। इस दौरान कमेंट्री कर रहे पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइक हसी ने रोहित शर्मा की आलोचना की और कहा कि उन्हें एक यंग खिलाड़ी को इस तरह सरेआम डांट नहीं लगानी चाहिए थी।


