भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने जलज सक्सेना जैसे खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने पर नाराजगी जाहिस की है। उन्होंने चयनकर्ताओं पर निशाना साधते हुए पूछा है कि क्या रणजी ट्रॉफी का महत्व नहीं रह गया है।
क्योंकि जलज सक्सेना जैसे खिलाड़ी 19 साल तक घरेलू टूर्नामेंट खेलने के बाद भी भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए हैं। जलज इंडिया ए की टीम में भी जगह नहीं बना पाए। जलज सक्सेना गुरुवार को रणजी ट्रॉफी में 400 विकेट और 6 हजार रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने।
हरभजन सिंह ने एक जर्नलिस्ट के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें जलज सक्सेना की उपलब्धियों के बारे में बताया गया था। सक्सेना अपनी घरेलू टीमों के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और फिलहाल केरल के लिए खेल रहे हैं। हाल ही में बंगाल के खिलाफ मैच में उन्होंने 84 रन बनाए। पत्रकार लोकापल्ली ने ट्वीट किया, रणजी ट्रॉफी में जलज सक्सेना के 400 विकेट और 6000 रन। भारत के राष्ट्रीय टूर्नामेंट में ये उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी। उन्होंने अपने ट्वीट में पूछा कि इस उपलब्धि के बावजूद क्या वह भारत के लिए खेलने के लिए पर्याप्त नहीं है।
इस पर हरभजन सिंह ने भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि, मैं आपसे सहमत हूं। कम से कम इंडिया ए के लिए तो उन्हें चुना जाना चाहिए। अब रणजी खेलना बेकार है? लोग आईपीएल से चुने जा रहे हैं। जलज सक्सेना ने मध्यप्रदेश के लिए 2005 में प्रथम श्रेणी डेब्यू किया था। 143 मैचों में उनके नाम 6795 रन और 14 शतक है। सक्सेना ने इन मैचों में 2.74 की प्रभावशाली इकॉनमी से 452 विकेट भी लिए हैं। उन्होंने चैंपियंस लीग में पंजाब किंग्स के लिए एक मैच और मुंबई इंडियंस के लिए तीन मैच भी खेले हैं।


