रायपुर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में 4 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और महज 19 रन के स्कोर पर उसके टॉप-4 बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। कप्तान स्मृति मंधाना (9), अनुष्का शर्मा (4), हरमनप्रीत कौर (1) और शेफाली वर्मा (4) बड़ी पारी खेलने में पूरी तरह नाकाम रहीं। जिम्बाब्वे की ओर से न्याशा ग्वान्जुरा ने शुरुआती ओवरों में घातक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके और भारतीय बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया।
दीप्ति और निक्की ने जिताया
शुरुआती झटकों से बेपटरी दिख रही भारतीय पारी को दीप्ति शर्मा और निक्की प्रसाद ने संभाला। दोनों के बीच हुई अर्धशतकीय साझेदारी की बदौलत भारतीय टीम मैच में जोरदार वापसी करने में सफल रही। दीप्ति शर्मा ने 37 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 49 रनों की जुझारू पारी खेली, जबकि निक्की प्रसाद ने 35 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए। रिचा घोष ने भी अंत में 5 गेंदों पर 1 छक्के की मदद से 7 रन का योगदान दिया। भारत ने 15.4 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 116 रन बनाकर मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया।
114 पर जिम्बाब्वे को रोक दिया
इससे पहले केलिस एंडलोहवु ने 44 गेंद में 42 रन की आकर्षक पारी खेली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को पांच विकेट पर 114 रन पर रोक दिया। एंडलोहवु की पारी जिम्बाब्वे की ओर से सबसे प्रभावशाली रही जबकि अन्य बल्लेबाजों को भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने संघर्ष करना पड़ा। शारने मेयर्स ने अंतिम ओवरों में नाबाद 43 रन (33 गेंद में) बनाकर टीम के स्कोर को कुछ सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया।
भारतीय गेंदबाजों का कमाल
भारत और जिम्बाब्वे पहली बार द्विपक्षीय सीरीज में खेल रहे हैं। इस मुकाबले के साथ स्मृति मंधाना के कप्तानी कार्यकाल की भी शुरुआत हुई। एंडलोहवु ने बड़े मंच पर अपनी शॉट खेलने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने शॉर्ट गेंदों पर तेजी से कट और पुल शॉट लगाए। हालांकि 10 ओवर में जिम्बाब्वे का स्कोर एक विकेट पर 60 रन पहुंचने के बाद बाएं हाथ की इस ओपनिंग बल्लेबाज की रन गति काफी धीमी हो गई। वह अपनी आखिरी 12 गेंदों पर केवल दो रन बना सकीं, जिसके बाद अरुंधति रेड्डी ने उन्हें बोल्ड कर दिया।
धीमी बल्लेबाजी के चलते फंसी जिम्बाब्वे
एंडलोहवु की ओपनिंग जोड़ीदार बिलव्ड बिजा पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ की सीधी गेंद को चूककर आउट हो गईं। इसके बाद एंडलोहवु और मॉडेस्टर मुपाचिकवा (26 गेंद में 16 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की। इस दौरान ज्यादातर रन एंडलोहवु ने बनाए। पर 11वें ओवर में स्पिनर श्री चरणी की गेंद पर मुपाचिकवा ने आसान कैच थमा दिया, जिससे जिम्बाब्वे का स्कोर दो विकेट पर 60 रन हो गया।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने काफी अधिक डॉट गेंदें खेलीं। भारत जैसी मजबूत टीम को चुनौती देने के लिए उन्हें अभी काफी सुधार करने की जरूरत है। मेयर्स ने पारी के अंतिम ओवरों में दो छक्के और चार चौके लगाकर टीम के स्कोर में उपयोगी रन जोड़े।


