बेंगलुरु: दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन के बीच खेला जा रहा मुकाबला क्रिकेट के रोमांचक का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए सेंट्रल जोन की टीम 266 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। इसके जवाब में उतरी ईस्ट जोन की शुरुआत ऐसी रही कि लगा मैच एकतरफा उनके पक्ष में चला जाएगा। लेकिन बिना कोई विकेट खोए 161 रन बनाने वाली ईस्ट जोन की टीम अचानक ऐसे बिखरी कि अगले 105 रनों के भीतर उनके सभी 10 विकेट गिर गए और पूरी टीम 266 रनों पर सिमट गई।
वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार आगाज
ईस्ट जोन को एक सपने जैसी शुरुआत दिलाने का श्रेय जाता है उनके युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी को। वैभव ने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के चारों तरफ चौके और छक्के बरसाए। उन्होंने 84 गेंदों में 109.52 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से 92 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
दूसरे छोर पर उनका साथ दे रहे कुमार कुशाग्र ने भी संजीदगी दिखाई और 79 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 1 छक्का शामिल था। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 161 रनों की मजबूत शतकीय साझेदारी की और ईस्ट जोन को जीत के दरवाजे पर ला खड़ा किया।
161 से 266 तक का कॉलेप्स
जब लग रहा था कि ईस्ट जोन एक विशाल स्कोर की तरफ बढ़ रही है, तभी 161 के कुल स्कोर पर वैभव सूर्यवंशी के रूप में पहला झटका लगा। उनके आउट होते ही जैसे विकटों का पतझड़ शुरू हो गया। 161 पर 0 से ईस्ट जोन का स्कोर देखते ही देखते बिखरना शुरू हुआ और मध्यक्रम के बल्लेबाज आते ही अपना विकेट गंवाते चले गए। रियान पराग ने थोड़ा संघर्ष करते हुए 29 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज ने उनका साथ नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि जो टीम एक समय बेहद मजबूत स्थिति में थी, वह 266 रनों पर ही ढेर हो गई और दोनों टीमों का स्कोर पहली पारी में बराबर रहा।
सेंट्रल जोन की गेंदबाजी का कमाल
ईस्ट जोन के इस शर्मनाक डाउनफॉल के पीछे सेंट्रल जोन के गेंदबाजों की शानदार वापसी रही। हर्ष दुबे ने सबसे घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट चटकाए, जबकि आर्यन पांडे और यश ठाकुर को तीन-तीन विकेट मिले। 22 वर्षीय आर्यन पांडे जबलपुर के हैं।


