नई दिल्ली: भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू हो गया है। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में संजू सैमसन की जगह उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। वैभव के डेब्यू से पूरा क्रिकेट जगत खुश है लेकिन इससे टीम इंडिया की बैटिंग लाइनअप वन डायमेंशनल हो चुकी है। भारत के टॉप-7 बल्लेबाजों में सिर्फ एक ही राइड हैंडर बचा है। चाहकर भी कप्तान और हेड कोच गौतम गंभीर क्रीज पर बाएं और दाएं हाथ का कॉम्बिनेशन नहीं रख पाएंगे।
टीम इंडिया के टॉप-7 में 6 लेफ्ट हैंडर
क्रिकेट का खेल काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके बाद भी बल्लेबाजी में विविधता जरूरी है। गेंदबाजों को बैकफुट पर रहने के लिए टीमें राइट और लेफ्ट का कॉम्बिनेश क्रीज पर रखती है। इसके गेंदबाजों को बार-बार लाइन लेंथ बदलनी पड़ती है। कप्तान को फील्डिंग भी चेंज भी लगातार बदलना पड़ता है। लेकिन भारतीय टीम के बल्लेबाजी लाइनअप में सिर्फ बाएं हाथ के ही बल्लेबाज दिख रहे हैं। अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल सभी बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं।
ऑफ स्पिनर के खिलाफ मुश्किलें होंगी
बाएं हाथ के बल्लेबाज पारंपरिक रूप से ऑफ स्पिन के खिलाफ कमजोर होते हैं। भारत और इंग्लैंड के दूसरे टी20 में यह देखने को भी मिला। इंग्लैंड के लिए विल जैक्स ने तीन ओवर डाले। इसमें सिर्फ 22 रन देकर उन्होंने वैभव सूर्यवंशी का विकेट ले लिया। भारतीय टीम ने साढ़े 9 की रन रेट से रन बनाए लेकिन जैक्स ने 8 से भी कम की इकोनॉमी से रन खर्च किए।
टी20 विश्व कप में बदलनी पड़ी थी रणनीति
फरवरी-मार्च में हुए टी20 विश्व कप के शुरुआती मैच में भारत के लिए अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ओपनिंग कर रहे थे। वहीं तिलक वर्मा तीसरे नंबर पर आ रहे थे। टी20 विश्व कप के शुरुआती 5 मैचों में भारतीय सलामी जोड़ी का औसत सिर्फ 6.80 का था। पहले मैच में 8, दूसरे में 25, तीसरे में एक, चौथे में जीरो और 5वें में जीरो के स्कोर पर भारत का पहला विकेट गिरा। 5 मैचों में ओपनिंग जोड़ी ने मिलकर 34 रनों की साझेदारी की
संजू सैमसन को मौका देना पड़ा
विपक्षी टीमों को पार्ट टाइम गेंदबाज टीम इंडिया के लिए परेशानी खड़ी करने लगे थे। इसके बाद भारत को रणनीति बदलनी पड़ी। छठे मैच में अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन ओपनिंग के लिए उतरे। ईशान किशन को तीसरे नंबर पर भेजा गया तो तिलक वर्मा 5वें नंबर पर आने लगे। चौथे नंबर पर कप्तान सूर्यकुमार यादव खेल रहे थे। यहां से सब कुछ बदल गया। संजू ने ऑफ स्पिनर्स को टैकल किया। भारत ने अंत में टूर्नामेंट को अपने नाम किया। थी।


