वेस्टइंडीज के सेंट विसेंट स्टेडियम में राशिद खान की कप्तानी में अफगानिस्तान की टीम ने इतिहास रच दिया। अफगानिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
अफगानिस्तान की जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के सेमीफाइनल पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गईं। सुपर-8 के 3 मैचों में ऑस्ट्रेलिया सिर्फ एक जीती और उसके 2 पाइंट हैं। अफगानिस्तान ने 2 मैच जीते और 4 पॉइंट के साथ सेमीफाइनल में एंट्री की।
अब 27 जून को त्रिनिदाद में सुबह 6 बजे अफगानिस्तान का सेमीफाइनल मुकाबला इंग्लैंड से होगा। टीम इंडिया इसी दिन रात 8 बजे गयाना में इंग्लैंड से सेमीफाइनल खेलेगी।
नवीन उल हक के विकेट लेते ही जश्न में डूब गया अफगानिस्तान
जैसे ही नवीन उल हक ने मुस्तफिजुर रहमान को LBW किया तो अफगानिस्तान के खिलाड़ी जश्न में डूब गए। दूसरे छोर पर आखिरी दम तक लड़ने वाले लिट्टन दास 48 गेंदों में 54 रन बनाकर नाबाद रहे और अपनी टीम को हारता देखते रह गए। वहीं अफगानी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और कुछ खिलाड़ी रोते नजर आए। यह उस खुशी के आंसू थे, जिसका सपना अफगान टीम ने देखा था। खिलाड़ियों ने जीत के बाद पूरी स्टेडियम का चक्कर लगाया और फैंस को शुक्रिया कहा। यह पहला मौका है, जब किसी आईसीसी टूर्नामेंट में अफगान टीम सेमीफाइनल में पहुंची है।
अफगानिस्तान ने बनाए थे सिर्फ 115 रन
इससे पहले अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। रहमानउल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान ने धीमी लेकिन सधी शुरुआत दी। दोनों ने 10.4 ओवरों में 59 रन की साझेदारी की। यहां जादरान को रिशाद हुसैन ने आउट किया, जिन्होंने 29 गेंदों में 18 रन की पारी खेली। हालांकि, इसके बाद निरंतर अंतराल पर विकेट गिरते रहे।इस बीच गुरबाज ने 55 गेंदों में 3 चौके और एक चौका के दम पर 43 रन की पारी खेली, जबकि आखिरी में राशिद खान ने 10 गेंदों में 3 छक्के उड़ाकर नाबाद 19 रन बनाए। उनके अलावा अजमतउल्लाह ने 12 गेंदों में 10 रन की पारी खेली, जबकि रिशाद हुसैन ने बांग्लादेश के लिए सबसे अधिक 3 विकेट झटके। तस्कीन अहमद और मुस्तफिजुर ने एक-एक विकेट अपने नाम किया।अफगानिस्तान ने 116 का टारगेट दिया था। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बांग्लादेश को यह टारगेट 12.1 ओवर में पूरा करना था। लेकिन टीम तब तक केवल 83 रन ही बना सकी और सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई।


