नई दिल्ली: झारखंड के सिमडेगा जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर पिथरा पंचायत के छोटे से गांव बड़कीछापर में रहने वाले सलीमा टेटे का परिवार आज बेहद खुश होगा। कभी हाथ से बने बांस की स्टिक और बॉल से हॉकी खेलना शुरू करने वाली सलीमा को हॉकी इंडिया की साल के बेस्ट महिला खिलाड़ी का अवॉर्ड मिला है। पहली बार ये अवॉर्ड जीतने वाली मिडफील्डर सलीमा टेटे का कहना है कि 25 लाख रुपये नकद ईनाम मिलना उनके परिवार के लिए गर्व की बात है।
सलीमा का परिवार आज भी गांव में मिट्टी के मकान में रहता है। पिता सुलक्सन टेटे और भाई अनमोल लकड़ा खेत में हल-जोतकर अनाज पैदा करते हैं। मां सुबानी टेटे हाउस वाइफ हैं। सलीमा की चार बहनों में इलिसन, अनिमा, सुमंती एवं महिमा टेटे शामिल हैं। सलीमा को देखकर छोटी बहन महिमा भी हॉकी खेलने लगी और नेशनल लेवल पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करती हैं। सलीमा टेटे भी टोक्यो ओलिंपिक 2022 में भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा थीं। लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने भारतीय टीम तक का सफर तय किया। सलीमा की माने तो इस अवॉर्ड से उनका मनोबल भी बढ़ेगा।


