टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने अपने रिटायर्डमेंट प्लान के बारे में बात की। उन्होंने कहा- जब लगेगा कि वे क्रिकेट खेलने के लायक नहीं हैं, तो वह संन्यास ले लेंगे। पिछले दो-तीन साल से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेल रहा हूं।
अगर किसी दिन मैं जागूं और मुझे महसूस हो कि मैं फिट नहीं हूं, अच्छा नहीं खेल रहा हूं तो मैं बस इस बारे में बोर्ड से बात करूंगा। अभी मैं अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेल रहा हूं।
रोहित पांच मैचों की सीरीज में इंग्लैंड को 4-1 से हराने के बाद जियो सिनेमा से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा- मैं अपनी टीम को फियरलेस बनाना चाहता हूं। खिलाड़ियों के लिए आंकड़े जरूरी है, लेकिन मैं चाहता हूं कि सभी प्लेयर्स निडर क्रिकेट खेले, नंबर्स उनका साथ दे ही देंगे।
माइलस्टोन के लिए न खेले खिलाड़ी
रोहित ने आगे कहा, ‘मैं टीम में माइलस्टोन के लिए खेलने का कल्चर खत्म करना चाहता हूं। चाहता हूं कि खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा फ्रीडम के साथ खेलें। अगर खिलाड़ी गेम की सिचुएशन पर फोकस करेंगे तो नंबर और माइलस्टोन खुद ही आ जाएंगे।
मैं नंबर और आंकड़ों पर ध्यान देने वाला खिलाड़ी नहीं हूं। हां, बड़े रन बनाना भी जरूरी है, लेकिन इस टीम में सिचुएशन के हिसाब से खेलने का कल्चर बन रहा है। मैं इसे ही आगे कन्टीन्यू करवाना चाहता हूं। मेरे खिलाड़ी खुलकर क्रिकेट खेल रहे हैं और यही मेरी सबसे बड़ी जीत है। क्रिकेट में आंकड़ों की अहमियमत को मैं पूरी तरह अपनी टीम से बाहर करना चाहता हूं।’
फियरलेस क्रिकेट खेलना जरूरी
रोहित ने आगे कहा, ‘खिलाड़ी पर्सनल स्कोर पर ध्यान नहीं दे रहे। अगर आप सिचुएशन के हिसाब से खेलेंगे तो नंबर खुद ही आपके साथ रहेंगे। फियरलेस क्रिकेट खेलकर टीम को जीत दिलाना बहुत ज्यादा जरूरी है। फिफ्टी और सेंचुरी भी जरूरी है, लेकिन टीम स्पोर्ट में इन चीजों को मैं फोकस से दूर करना चाहता हूं।’


