हम आपको इस साल खेल से जुड़े कुछ बड़े विवादों के बारे में बता रहे हैं, जिसने पूरी दुनिया को चौंका कर रख दिया….
1. फुटबॉल में हरमोसो-रुबियालेस स्कैंडल

फीफा महिला विश्व कप जीतने वाली स्पेन की टीम की सदस्य जेनी हरमोसो ने स्पेनिश सॉकर फेडरेशन के निलंबित अध्यक्ष लुइस रुबियालेस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। विश्व कप के पुरस्कार समारोह के दौरान स्पेन की फॉरवर्ड हरमोसो का आरोप था कि रुबियालेस ने उनकी बिना अनुमति के उन्हें किस किया था। इसके बाद जबरदस्त हंगामा मच गया था। इतना ही रुबियालेस अन्य स्पैनिश खिलाड़ियों को भी किस और गलत तरीके से छूते और गले लगाते दिखे थे। इस घटना ने दुनिया को हिला कर रखा दिया था।
2. भारत बनाम ईरान कबड्डी मैच में धरना

हांगझोऊ में 19वें एशियाई खेलों से पहले भारत और चीन के बीच तकरार देखने को मिली। दरअसल, अरुणाचल प्रदेश के तीन एथलीट्स को चीन ने वीजा देने से इनकार कर दिया था। यह तीनों खिलाड़ी वूशु के थे। ऐसे में तीनों एथलीट्स हांगझोऊ रवाना नहीं हो सके।
इसको लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बीजिंग में कड़ा विरोध दर्ज कराया था। साथ ही खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने चीन के एशियाई खेलों के आगाज के आमंत्रण को ठुकरा दिया था। चीन ने जब अरुणाचल प्रदेश के तीनों एथलीट्स को वीजा जारी नहीं किया तो इसकी सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हुई थी। इससे पहले भी 26 जुलाई को विश्व यूनिवर्सिटी खेलों के लिए इन्हीं तीनों खिलाड़ियों को चीन ने नत्थी वीजा जारी कर दिया था।इसके विरोध में भारत सरकार ने पूरी वूशु टीम को एयरपोर्ट से वापस बुला लिया था। तब चीन को फजीहत झेलनी पड़ी थी।
4. टाइम आउट विवाद
सिर्फ विश्व कप ही नहीं बल्कि पूरे क्रिकेट इतिहास में टाइम आउट विवाद को याद रखा जाएगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 146 वर्षों के इतिहास में श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज टाइम आउट होने वाले पहले क्रिकेटर बने। बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में उनके हेलमेट में कुछ समस्या आई। इस वजह से वह तय समय पर गेंद का सामना करने के लिए तैयार नहीं हो सके। बांग्लादेश की अपील पर उन्हें आउट करार दिया गया। इसके बाद तो दुनिया ने कुछ और ऐसे आउट देखे, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।
दिसंबर 2023 में बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम ‘हैंडलिंग द बॉल’ या यूं कहें ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड (मैदान में बाधा डालना) आउट का शिकार हो गए। ‘मैदान में बाधा डालने’ पर आउट तब दिया जाता है जब बल्लेबाज गेंद के एक्शन या मोशन में रहते हुए उस हाथ से गेंद के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है, जो हाथ बल्ले पर नहीं है। इस तरह कीवियों ने मैथ्यूज का बदला ले लिया।
5. श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को वहां के खेल मंत्रालय ने बर्खास्त किया

विश्व कप में भारत से शर्मनाक हार के कुछ दिन बाद श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री रोशन रणसिंघे ने अपने देश के क्रिकेट बोर्ड को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही बोर्ड में भ्रष्टाचारा का भी खुलासा किया था। बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर रणसिंघे का श्रीलंका क्रिकेट के साथ महीनों से विवाद चल रहा था। रणसिंघे ने पिछले सप्ताह विश्व कप में मेजबान भारत के हाथों श्रीलंका की 302 रन की हार के बाद सार्वजनिक रूप से पूरे बोर्ड के इस्तीफे की मांग की थी।
भारत के 358 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम एक समय 14 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे और 55 रन पर सिमट गई थी, जो विश्व कप के इतिहास में चौथा सबसे कम स्कोर है। रणसिंघे ने कहा था कि श्रीलंका क्रिकेट के अधिकारियों को पद पर बने रहने का कोई नैतिक या नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘बोर्ड के अधिकारियों को स्वेच्छा से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने पहले बोर्ड पर देशद्रोही और भ्रष्ट होने का आरोप लगाया था।
इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अदालत का सहारा लिया। श्रीलंका कोर्ट ऑफ अपील ने देश के क्रिकेट बोर्ड को बर्खास्त करने के खेल मंत्री के फैसले को रद्द कर दिया है और पूरी सुनवाई लंबित रहने तक मंगलवार को निष्कासित अधिकारियों को बहाल कर दिया। फिर कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए श्रीलंका के मंत्री और मुख्य सरकारी सचेतक प्रसन्ना रणतुंगा ने कहा था कि सरकार और विपक्ष श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के पदाधिकारियों को हटाने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव लाएगी। हालांकि, अब आईसीसी ने श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को निलंबित कर दिया।
6. बृजभूषण पर यौन शोषण का आरोप, पहलवानों का धरना, कुश्ती संघ निलंबित

यह साल शुरू होने के साथ ही एक विवाद ने सभी का ध्यान खींचा। 18 जनवरी को बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक जैसे दिग्गज पहलवानों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण और धमकी का आरोप लगाया तथा उनके इस्तीफे और महासंघ को भंग करने की मांग की। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात के बाद पहलवानों ने तब विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया था।
खेल मंत्री ने तब कहा था कि आरोपों की जांच के लिए एक निगरानी समिति बनाई जाएगी। इसके बाद कुछ महीने तक मामला शांत रहा। फिर अप्रैल में निगरानी समिति की रिपोर्ट खेल मंत्रालय को सौंपे जाने के बाद कुश्ती संघ ने सात मई को चुनाव की घोषणा की। हालांकि, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। पहलवानों ने जंतर-मंतर पर वापसी की और कहा कि एक नाबालिग समेत सात महिला पहलवानों ने कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है। दावा किया कि पुलिस ने अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।
पहलवानों ने खेल मंत्रालय से निगरानी समिति के निष्कर्षों को सार्वजनिक करने को कहा। पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्चतम न्यायालय ने फिर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। तीन मई को पहलवानों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई जिसमें कुछ प्रदर्शनकारियों के सिर में चोटें आईं। इसके बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कराने वाली पहलवानों के बयान दर्ज किए। फिर बृजभूषण का बयान दर्ज किया गया।
कुश्ती संघ को निलंबित किया गया और तीन सदस्यीय एड-हॉक कमेटी ने कुश्ती संघ के कामों को संभाला। बजरंग-विनेश और साक्षी ने अपने पदकों को हरिद्वार में गंगा में बहाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोक लिया गया। कुछ समय बाद पहलवानों ने जंतर मंतर से नए संसद भवन तक पैदल मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया। कुछ दिनों बाद सभी पहलवान अपने काम पर लौट गए।दिसंबर में कुश्ती संघ चुनाव के नतीजे आए और संजय सिंह को नया कुश्ती संघ का अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद फिर से बजंरग, विनेश और साक्षी एक्टिव हुए। साक्षी ने संन्यास का एलान किया तो बजरंग ने पद्मश्री सम्मान को लौटा दिया। खेल मंत्रालय ने कुश्ती संघ पर मनमाने ढंग से काम करने का आरोप लगाते हुए कुश्ती संघ को भंग कर दिया। अब फिर से तदर्थ समिति इसका कार्यभार संभाल रही है।
7. गंभीर और नवीन से भिड़े विराट, फिर गंभीर और श्रीसंत की हुई टक्कर

आईपीएल 2023 में लखनऊ सुपरजाएंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के मैच में गौतम गंभीर और विराट कोहली आपस में भिड़ गए। दरअसल पहले विराट कोहली और लखनऊ के खिलाड़ी नवीन उल हक के बीच बहस हुई थी और काइल मेयर्स कोहली को शांत करा रहे थे। तभी गंभीर आए और मेयर्स को विराट से दूर ले गए। इसके साथ ही उन्होंने कुछ कहा और फिर 2013 की तरह दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस हुई।
दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बीच-बचाव कर कोहली-गंभीर को अलग किया। आईपीएल के बाद लगभग हर स्टेडियम में गंभीर कमेंट्री या एक्सपर्ट के तौर पर जब भी मैदान पर आते थे तो फैंस कोहली-कोहली या धोनी-धोनी कहकर चिल्लाने लगते थे। इससे खीजकर एक बार गंभीर ने आपत्तीजनक इशारा भी किया था।
यह विवाद ठीक से थमा नहीं था कि हाल ही में हुए लीजेंड्स लीग क्रिकेट में गंभीर पूर्व क्रिकेटर श्रीसंत से भिड़ गए। एलएलसी के एलिमिनेटर मैच में गुजरात जाएंट्स और इंडिया कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने थीं। जहां गंभीर कैपिटल्स के कप्तान थे, वहीं श्रीसंत गुजरात के गेंदबाज थे। इस मैच के दौरान गंभीर और श्रीसंत के बीच जमकर बवाल हुआ।मैच में अपनी 30 गेंद में 51 रन की पारी में कैपिटल्स के कप्तान गंभीर ने श्रीसंत को कुछ चौके लगाए। वीडियो में ऐसा दिख रहा है कि इसके बाद श्रीसंत ने हताशा में गंभीर की ओर देखा और कुछ शब्द कहे। इसके जवाब में गंभीर ने इस तेज गेंदबाज को घूरकर देखा और इशारा किया। यह विवाद यहीं नहीं रुका। एक फैन ने सोशल मीडिया पर स्टैंड से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो पोस्ट किया जो कि कैपिटल्स के किसी बल्लेबाज के आउट होने के समय का है।
उस ब्रेक के दौरान गंभीर और श्रीसंत के बीच फिर से शब्दों का आदान-प्रदान हुआ। बाद में श्रीसंत ने एक वीडियो जारी कर बताया कि गंभीर ने उन्हें फिक्सर कहकर पुकारा था और वह सिर्फ उनसे पूछ रहे थे कि क्या हुआ। हालांकि, गंभीर ने इस मामले पर ज्यादा प्रतिक्रियाएं नहीं दीं और मामला फिलहाल शांत है।
9. हार्दिक पांड्या मुंबई इंडियंस के नए कप्तान, पुराने खिलाड़ी खुश नहीं?

आईपीएल 2024 से पहले मुंबई इंडियंस के कैंप में रोहित शर्मा की जगह ट्रेड से शामिल हुए हार्दिक पांड्या को कप्तानी सौंपने पर फैंस का गुस्सा फूट पड़ा। मुंबई इंडियंस ने नवंबर में ट्रेड से हार्दिक पांड्या को अपनी टीम में शामिल किया था और फिर उन्हें कप्तानी भी सौंप दी गई। सबसे सफल कप्तानों में से एक रोहित को हटाए जाने से फैंस को निराशा हुई है।
एमआई ने अपने सोशल नेटवर्किंग अकाउंट्स पर लाखों फॉलोअर्स खो दिए। इसके अलावा सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह ने भी बिना किसी का नाम लिए अपने पोस्ट से नाराजगी जाहिर की थी। फैंस ने ऐसे कयास लगाए थे कि वे पोस्ट हार्दिक को लेकर ही थे। इसके अलावा मुंबई इंडियंस के किसी भी खिलाड़ी ने हार्दिक के कप्तान बनने पर सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई भी नहीं दी थी।


