भारत ने मैनचेस्टर में तीसरे एकदिवसीय मैच में इंग्लैंड को 5 विकेट से हराकर एकदिवसीय सीरीज 2-1 पर कब्जा करने के कुछ ही समय बाद युवराज सिंह का एक ट्वीट वायरल हो गया। यह ट्वीट ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को लेकर था। युवराज ने ट्वीट में संकेत दिए कि मैच से पहले उनकी और भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज के बीच 45 मिनट तक बातचीत हुई और उसका नतीजा रहा कि ऋषभ पंत वनडे इंटरनेशनल में अपना पहला शतक लगाने में कामयाब रहे।
युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘ऐसा लगता है कि 45 मिनट की बातचीत ने असर दिखाया।!! वेल प्लेड (अच्छा खेले) ऋषभ पंत। इस तरह आप अपनी पारी को आगे बढ़ा सकते हैं। हार्दिक पंड्या को भी खेलते देखकर बहुत अच्छा लगा।’ उनके इस ट्वीट को हजारों लोगों ने रिट्वीट किया और बहुत से लोगों ने कमेंट्स किए। @monarch__baweja ने लिखा, ‘नजर तो नहीं लग गई विराट कोहली को?’
@lmblackpanther ने लिखा, ‘जर्सी नंबर 17 ने वनडे इंटरनेशनल में अपना पहला शतक 17 जुलाई को लगाया। उसी मैच में कप्तान और पूर्व कप्तान ने 17 रन बनाए।’ @BabaBlinder ने लिखा, ‘ऋषभ पंत की बैटिंग देखने के बाद विराट कोहली आपसे कहेंगे कि थोड़ा हमको भी ज्ञान दे दीजिए।’@rashidahmed87 ने नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल की याद दिलाई। उन्होंने लिखा, ‘पंत और हार्दिक की पारी हमें आपकी और कैफ की शानदार पारी की याद दिलाती है। युवा खिलाड़ियों को इतिहास को दोहराते हुए देखकर बहुत अच्छा लगा। यह एक शानदार फ्लैश बैक था।’ इसी तरह @GauravS31252693 ने लिखा, ‘आज आपकी पारी बहुत याद आई। सदाबहार खिलाड़ी @युवराज सिंह।’
हालांकि, कुछ लोगों को युवराज सिंह का इस तरह ट्वीट करना अच्छा नहीं लगा। @bsc_millionaire ने लिखा, ‘इसे बोलते हैं खुद की तारीफ करना। पंत ने खुलासा किया होता तो ज्यादा अच्छा होता! अब ऐसा लगता है कि आप उसके प्रदर्शन का श्रेय खुद को दे रहे हैं! कोई नाराजगी नहीं, लेकिन बस मैंने इसे ऐसा ही महसूस किया!’ ऐसे ही और भी कई लोगों ने ट्वीट किए।
ऋषभ पंत ने तीसरे वनडे में शतकीय पारी खेली। उन्होंने 109 गेंद पर अपना पहला एकदिवसीय शतक बनाया। उनकी पारी की मदद से 260 रन का लक्ष्य हासिल कर टीम इंडिया ने मैच और सीरीज अपने नाम की। भारत की इंग्लैंड में यह तीसरी वनडे सीरीज जीत है।
व्हाइट बॉल फॉर्मेट में ऋषभ पंत का यह पहला शतक था। इससे पहले ऋषभ पंत की एकदिवसीय और टी20 इंटरनेशनल में बल्लेबाजी को लेकर काफी आलोचना हुई थी। टेस्ट के मुकाबले सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड खराब था।