महाराजा रणजीत सिंह के नाम पर रणजी ट्रॉफी
रणजी ट्रॉफी का नाम अंग्रेजों के अधीन रहे भारत में नवानगर (वर्तमान में जामनगर) स्टेट के महाराजा रणजीत सिंह के नाम पर रखा गया। वह 1907 से 1933 तक इस स्टेट के महाराजा रहे। भारत के पहले क्रिकेटर थे, जिन्हें इंग्लैंड की क्रिकेट टीम से खेलने का मौका मिला था। इंग्लैंड के लिए 1896 से 1902 के बीच 15 टेस्ट मैच खेले। यह वह दौर था जब भारत की क्रिकेट टीम नहीं हुआ करती थी। रणजीत सिंह की 1933 में मृत्यू के बाद 1934 में उनके नाम पर भारत में घरेलू टूर्नामेंट रणजी शुरू हुआ। पहला मैच 4 नवंबर 1934 को मद्रास और मैसूर के बीच चेपक के मैदान पर खेला गया। इस टूर्नामेंट के लिए पटियाला के महाराज की ओर से ट्रॉफी दान में दी गई थी।
भारत के सबसे बड़े डोमेस्टिक क्रिकेट टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी को नया चैंपियन मिल गया है। बेंगलुरु में खेले गए फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश ने 41 बार की चैंपियन मुंबई को छह विकेट से हराकर पहली बार खिताब जीत लिया है।88 साल में पहली बार जीते।
पिछले कुछ सालों में देश में एक के बाद एक नई शक्तिशाली टीमें उभर कर सामने आ रही हैं। MP की खिताबी जीत भी इस फैक्ट की तस्दीक करती है। 2014-15 से अब तक 8 सीजन में 6 अलग-अलग टीमों ने खिताब जीते हैं।
मैच के आखिरी दिन मुंबई की दूसरी पारी 269 रन के स्कोर पर सिमट गई। इस तरह MP को जीत के लिए 108 रन का टारगेट मिला, जिसे उसने चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। पहली पारी में मुंबई ने 374 रन बनाए थे। जिसके जवाब में मध्यप्रदेश ने 5

36 रन बनाते हुए 162 रन की बढ़त हासिल की थी।
रणजी ट्रॉफी 2021-22 का फाइनल मैच मुंबई और मध्यप्रदेश के बीच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जा रहा है। रविवार को आखिरी दिन है। मैच पर MP की पकड़ काफी मजबूत है। दूसरी पारी में मुंबई ने सभी विकेट खोकर 269 रन ही बना सकी। उसने MP को जीत के लिए 108 रन का टारगेट दिया है। इस लक्ष्य को साधने उतरी MP की टीम ने 75 रन पर तीन विकेट गंवा दिया है। उसे जीत के लिए 33 रनों की जरूरत है।
इससे पहले मुंबई की लड़खाई पारी को सरफराज खान ने संभालने की कोशिश की। पर वह ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके। वे 48 गेंदों पर 45 रन बनाकर आउट हो गए हैं।
इससे पहले मुंबई के कप्तान पृथ्वी शॉ 44 और हार्दिक तमोरे 25 रन बनाकर पवेलियन जा चुके हैं। अरमान जाफर 37 रन बना कर आउट हो चुके हैं। MP के लिए कुमार कार्तिकेय एक और गौरव यादव दो विकेट ले चुके हैं।
मुंबई ने पहली पारी में 374 रन बनाए थे
मुंबई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 374 रन बनाए। पहली पारी में मुंबई के लिए सबसे ज्यादा रन सरफराज खान ने 243 गेंदों पर 134 रन बनाए थे। वहीं यश जयसवाल 163 गेंदों पर 78 रन बनाए थे।
MP के लिए गौरव यादव ने चार विकेट लिए। सारांस जैन को दो, अनुभव अग्रवाल को तीन और कुमार कार्तिकेय को एक विकेट मिला।
MP के बड़े स्कोर में 3 शतकवीरों का रहा योगदान
मुंबई की पहली पारी के 374 रन के जवाब में मध्यप्रदेश ने 536 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। यश दुबे और शुभम शर्मा और रजत पाटीदार ने शतकीय पारियां खेलीं। दूसरे विकेट के लिए शुभम शर्मा और यश दुबे ने 222 रन की साझेदारी कर मध्यप्रदेश को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया शुभम शर्मा 116 रन बनाकर आउट हुए। यश दुबे ने 133 और रजत पाटीदार ने 122 रन की पारी खेली।
मुंबई के लिए तुषार देशपांडे ने तीन विकेट और सम्स मुलानी ने पांच विकेट लिए थे। जबकि मोहित अवस्थी को दो विकेट मिले।
अंतिम समय में ऐसे बढ़ती गईं धड़कनें
पहला विकेट 2 रन पर यश दुबे (1), दूसरा विकेट 54 रन पर हिमांशु मंत्री (37), तीसरा विकेट 66 रन पर पार्थ सैनी (5), चौथा विकेट 101 रन पर शुभम शर्मा (30)। रजत पाटीदार 30 रन और आदित्य श्रीवास्तव 1 रन बनाकर नाबाद रहे।
