नई दिल्ली: भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले टीम मैनेजमेंट को उन खिलाड़ियों के लिए रेड-बॉल की तैयारी को प्राथमिकता देनी चाहिए थी जो दोनों फॉर्मेट में खेल रहे हैं। उनका तर्क है कि यह सीरीज हेड कोच गौतम गंभीर और भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए बहुत अहम है।
टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों पर रहेगी नजर
न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम को अलग-अलग हिस्सों में बांटने के फैसले पर नायर ने कहा कि अगर शुभमन गिल और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों को लाल गेंद क्रिकेट की तैयारी के लिए ज्यादा समय मिलता तो यह उनके लिए फायदेमंद होता। उन्होंने यह बात खास तौर पर इसलिए कही क्योंकि भारत हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज हार चुका है।
गौतम गंभीर के लिए होगी निर्णायक सीरीज
नायर ने माना कि भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड से मिली पिछली हार की याद अभी भी टीम के लिए निराशाजनक है। उनका मानना है कि भारतीय टीम को आगामी सीरीज में उसी जोश और आक्रामकता के साथ उतरना चाहिए और उस हार का करारा जवाब देना चाहिए। नायर ने कहा, ‘न्यूजीलैंड भारत आई थी और उन्होंने हमें टेस्ट सीरीज में हराया था। इससे मुझे भी थोड़ी तकलीफ हुई और हमारे बाकी फैंस को भी। इसी कारण यह एक बहुत बड़ी सीरीज है। जीवन में संतुलन होना चाहिए। वर्ल्ड कप महत्वपूर्ण है लेकिन उसके लिए अभी समय है। मेरे हिसाब से यह टेस्ट सीरीज गौतम गंभीर और भारतीय फैंस के लिए एक निर्णायक सीरीज है।’
उनके घर में हराना चाहिए
उन्होंने आगे कहा, ‘इसी वजह से मैं चाहता था कि केएल राहुल और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी, जो दोनों फॉर्मेट में खेल रहे हैं, वे सिर्फ टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान दें। इसका कारण यह है कि अब आपको वनडे के लिए तैयारी करनी है और उसके बाद टेस्ट के लिए। मेरी राय में उन्हें रेड-बॉल के साथ प्रैक्टिस करने के लिए एक-दो महीने का समय दिया जाना चाहिए था। जैसे उन्होंने हमें भारत में हराया, वैसे ही हमें उन्हें उनके घर में हराना चाहिए।’
जायसवाल पर दिया ये बयान
भारत की पांच वनडे मैचों की सीरीज में कप्तानी की व्यवस्था अलग-अलग होगी। शुरुआती तीन मैचों में शुभमन गिल कप्तानी करेंगे जबकि आखिरी दो मैचों की कमान श्रेयस अय्यर संभालेंगे। तीसरे मैच के बाद गिल और राहुल वनडे टीम से हट जाएंगे ताकि वह टेस्ट सीरीज की तैयारी शुरू कर सकें। नायर ने वनडे टीम में यशस्वी जायसवाल के न चुने जाने पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस बाएं हाथ के ओपनर को बाहर बैठने के बजाय घरेलू क्रिकेट के जरिए अपनी रेड-बॉल की काबिलियत को और मजबूत करने का मौका दिया जा सकता था।


