नई दिल्ली: असम में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित असम कैबिनेट की बैठक में ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की स्पोर्ट्स अकादमी को बड़ी राहत देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सरकार ने लवलीना बॉक्सिंग अकादमी के लिए आवंटित की गई जमीन के सेटलमेंट प्रीमियम को पूरी तरह से माफ करने का निर्णय लिया है।
3 बीघा से ज्यादा जमीन मिली
कैबिनेट द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत पलाशबाड़ी राजस्व चक्र के अंतर्गत छायानी मौजा स्थित हुडुमपुर गांव में लवलीना की अकादमी के लिए 3 बीघा से अधिक जमीन दी गई थी। इस कीमती जमीन के लिए लगने वाले सेटलमेंट प्रीमियम को पूरी तरह से माफ करते हुए राज्य सरकार ने मात्र 1 रुपये की नाममात्र दर पर भूमि का निपटान स्वीकृत किया है। इस पहल का सीधा मकसद राज्य में आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण करना और मुक्केबाजी समेत अन्य खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
सरकार का लवलीना को तोहफा
यह अहम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 सालों के निरंतर जनसेवा कार्यकाल के सम्मान में पारित 76-सूत्रीय प्रस्ताव का एक हिस्सा है। असम कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश और राज्य का नाम रोशन करने वाली लवलीना की उपलब्धियों को सराहा है। सरकार का मानना है कि लवलीना का संघर्ष और उनकी सफलता असम की नई पीढ़ी को खेल क्षेत्र में अपने सपने साकार करने के लिए हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
मंत्रिमंडल की इस बैठक में केवल खेलों ही नहीं बल्कि असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर भी गहरा मंथन किया गया। कैबिनेट ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, उद्योग, शांति-सुरक्षा, सामाजिक विकास और असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में अभूतपूर्व प्रगति देखने को मिली है।


