नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने इंग्लैंड दौरे पर मिली 3-0 से करारी हार के बाद टीम के कप्तान बाबर आजम की कप्तानी पर तीखा हमला बोला है। शुरुआती दो मुकाबलों में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा अचानक टीम में किए गए बड़े बदलावों और कोचों को हटाए जाने के फैसले पर बाबर के रवैये से अकरम सख्त नाराज नजर आए।
पाकिस्तान क्रिकेट में हुआ एक्शन
इंग्लैंड में मिली हार के बाद जब बाबर आजम से सरफराज अहमद और उमर गुल को कोचिंग स्टाफ से हटाने और 7 खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा था कि यह फैसला उनके लिए भी नया था और इस पर पीसीबी से सवाल पूछे जाने चाहिए। वसीम अकरम ने कहा, ‘बाबर आजम ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता था। अगर आपको कुछ मालूम ही नहीं था तो आप वहां क्या कर रहे थे? क्या आप वहां चने बेचने गए थे?’
बाबर आजम की कप्तानी पर सवाल
अकरम ने कप्तान के इस व्यवहार को टीम के मनोबल के लिए बेहद हानिकारक बताया। उन्होंने टीम में कप्तान के रुख की अहमियत पर जोर देते हुए कहा, ‘एक खिलाड़ी या एक इंसान के तौर पर मेरा मानना है कि अगर आपका लीडर या कप्तान ही आपके साथ खड़ा नहीं रहेगा तो आप मैदान पर अपना 100 प्रतिशत कभी नहीं दे सकते।’
शान मसूद की जगह कप्तान बनना ही नहीं था
दिग्गज तेज गेंदबाज ने यह भी राय रखी कि शान मसूद की जगह जब पीसीबी ने बाबर को दोबारा टेस्ट कप्तानी का प्रस्ताव दिया था तो उन्हें इसे स्वीकार ही नहीं करना चाहिए था। सीरीज का रुख देखने के बाद बीच में ही पद छोड़ने की सलाह देते हुए अकरम ने कहा, ‘मैं किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहता और मैं गलत भी हो सकता हूं। लेकिन मेरी राय में बाबर को कप्तानी हाथ में लेनी ही नहीं चाहिए थी, यह सब गैर-जरूरी था। मेरा तो सुझाव है कि दूसरे टेस्ट मैच में हार के बाद ही बाबर को साफ कह देना चाहिए था कि वह अब सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर खेलेंगे।’
पाकिस्तान में इस बड़े उथल-पुथल और हार के बावजूद सारा दबाव अकेले बाबर आजम पर ही आ गया है। दरअसल पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी देश के शक्तिशाली गृह मंत्री भी हैं जिसके कारण बोर्ड और आला अधिकारियों की प्रशासनिक नाकामियों पर खुलकर आलोचना करने से अक्सर बचा जाता है।


