कोलकाता । भारत ब्राज़ील, उरुग्वे और पनामा के ख़िलाफ़ दोस्ताना मैच खेलने वाला है। पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन टीम के ख़िलाफ़ होने वाले मैच को लेकर काफ़ी उत्साह है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और BCCI के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली का मानना है कि यही उत्साह भारतीय फ़ुटबॉल को सही दिशा में ले जा रहा है; उन्हें उम्मीद है कि क्रिकेट की सफलता के पीछे रहे सिद्धांतों को अपनाकर भारतीय फ़ुटबॉल भी तरक्की करेगा।
ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने कहा है कि सौरव ने बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने की योजना का स्वागत किया है। AIFF की ओर से मीडिया को जारी एक बयान में सौरव ने कहा, “यह एक बहुत अच्छी पहल है। अगर हम बड़ी टीमों के खिलाफ खेलेंगे तो सुधार क्यों नहीं होगा?”
हालांकि, सौरव का मानना है कि इसे सिर्फ़ एक या दो मैचों तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसे मैच पूरे साल आयोजित किए जाने चाहिए। वे कहते हैं, “इस तरह के मैच पूरे साल होने चाहिए। इससे फ़ुटबॉल खिलाड़ियों को और सीखने का मौका मिलेगा। मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि मज़बूत प्रतिद्वंद्वियों के ख़िलाफ़ खेलने से खिलाड़ी
इस संदर्भ में सौरव ने क्रिकेट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “क्रिकेट को ही देखिए। भारत पूरे साल दुनिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेलता है। इससे भारतीय क्रिकेट को और बेहतर होने में मदद मिलती है। फुटबॉल के लिए भी ऐसी ही योजना की ज़रूरत है।” सौरव की बातों से साफ़ है कि वह चाहते हैं कि भारतीय फुटबॉलर पूरे साल टॉप टीमों के खिलाफ खेलें। ग्लोबल फुटबॉल के स्तर तक पहुँचने के लिए इस तरह का मुकाबला ज़रूरी है। तभी खिलाड़ियों को पता चलेगा कि कहाँ सुधार की ज़रूरत है।