कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने पहली पारी में देवदत्त पडिक्कल (117) और ध्रुव जुरेल (115) के शानदार शतकों की मदद से 503/9 रन बनाकर पारी घोषित की थी। जवाब में श्रीलंका ए की पहली पारी 290 रनों पर सिमट गई। भारत को 213 रनों की बड़ी बढ़त हासिल हुई, जिसके बाद भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया। हालांकि, श्रीलंका ने दूसरी पारी में दमदार वापसी करते हुए मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की। इस मैच को भले ही टीम इंडिया जीत जाए लेकिन कप्तान शुभमन गिल और मैनेजमेंट की कुछ गलतियां सामने आई हैं।
पहली पारी में 213 रनों की विशाल बढ़त हासिल करने के बावजूद फॉलोऑन देना रणनीतिक भूल साबित हुआ। भारत अगर खुद दूसरी पारी में बल्लेबाजी करता तो श्रीलंका के सामने 500 से अधिक रनों का अजेय लक्ष्य रखकर उन्हें दबाव में डाल सकता था।
तेज गेंदबाजों से कम बॉलिंग कराई
पहली पारी में तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा (3/52) और मोहम्मद सिराज (1/33) ने बेहतरीन गेंदबाजी की थी। इसके बावजूद दूसरी पारी में उनसे काफी कम ओवर गेंदबाजी कराई गई। प्रसिद्ध कृष्णा से केवल 8 ओवर और सिराज से मात्र 9 ओवर, जबकि पिच से उन्हें मदद मिल रही थी।
चौथी पारी में चेज होता घातक
एशियाई पिचों पर जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, पिच टूटती है और टर्न के साथ अनिश्चित उछाल बढ़ता है। ऐसी परिस्थितियों में चौथी पारी में किसी भी लक्ष्य का पीछा करना बेहद चुनौतीपूर्ण और घातक होता है।
लोअर ऑर्डर ने बनाए काफी रन
पहली पारी में श्रीलंका का स्कोर एक समय 148/5 था। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज उनके निचले क्रम को रोकने में नाकाम रहे। सोनल दिनुषा (103) और पासिंदु सूरियाबंदरा (80) की पारियों के कारण श्रीलंका 290 तक पहुंच गया, जिससे भारत की बढ़त कम हो गई।
श्रीलंका को दिया वापसी का मौका
दूसरी पारी में भारतीय स्पिनर रनों की गति पर लगाम नहीं लगा सके। मानव सुथार (18 ओवर में 81 रन) और सारांश जैन (14 ओवर में 50 रन) महंगे साबित हुए, जिससे श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने और मैच में वापसी करने का मौका मिल गया।


