नई दिल्ली। अपने क्रिकेट करियर के आखिर में पहुँच चुके जडेजा के कमेंट्स ने इंडियन कैंप के माहौल पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। 89 टेस्ट में 4,000 से ज़्यादा रन बनाने वाले इस ऑलराउंडर को लगता है कि उन्हें ऊपर बैटिंग करने का मौका मिलना चाहिए। सातवें-आठवें नंबर पर बैटिंग करने से उनका एवरेज कम हो रहा है।
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान ब्रॉडकास्टिंग चैनल को दिए इंटरव्यू में जडेजा ने कहा, “मैं शुरू में चौथे नंबर पर बैटिंग करता था। रणजी ट्रॉफी का रिकॉर्ड देखो। मेरा बैटिंग एवरेज 60 से ज़्यादा है। फर्स्ट-क्लास डोमेस्टिक क्रिकेट में मेरा बैटिंग एवरेज हमेशा 60 के आस-पास रहा है। मुझे बैटिंग को लेकर काफी कॉन्फिडेंस है। मुझे विश्वास था कि मुझमें वह काबिलियत है। लेकिन जब मैं इंडियन टीम में खेलने आया, तो मुझे वह बैटिंग ऑर्डर नहीं मिला जो मैं चाहता था।”
जडेजा का दावा है कि बैटिंग ऑर्डर में नीचे बैटिंग करने से कॉन्फिडेंस की कमी आई है। उन्होंने कहा, “कई बार मुझे आठवें या नौवें नंबर पर बैटिंग करनी पड़ती थी। मुझे ड्रेसिंग रूम में पैड पहनकर बैठना पड़ता था। बैठते समय मैंने देखा कि तेज़ गेंदबाज़ अपनी पसंद से बॉल चुन रहे थे। “इसका मतलब है कि टीम ज़्यादा देर तक बैटिंग नहीं कर पाएगी। मैंने यह हर दिन देखा है। मेरा कॉन्फिडेंस खत्म हो गया है। जब मैंने गेंदबाज़ों को बॉल चुनते देखा, तो मैंने सोचा, ‘क्या हो रहा है? क्या टीम को मेरी बैटिंग पर कॉन्फिडेंस नहीं है?’ इसीलिए मैं बड़ा स्कोर नहीं बना पाया। एक समय तो मुझे बहुत गुस्सा आया।


