नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 से भारत और श्रीलंका का पहला टेस्ट शुरु हो रहा है, दोनों टीमों के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से एक बेहद अहम टेस्ट सीरीज खेली जानी है।
जसप्रीत बुमराह और अन्य कई सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में एक युवा और नई भारतीय टीम श्रीलंका के टर्निंग ट्रैक्स पर अपना दबदबा साबित करने उतरेगी। हालांकि, भारतीय टीम में 5 ऐसे मैच-विनर खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर श्रीलंका के लिए काल साबित हो सकते हैं।
मोहम्मद सिराज
जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में मोहम्मद सिराज अब भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के मुख्य हथियार हैं। श्रीलंकाई पिचों पर जहां अमूमन तेज गेंदबाजों को मदद कम मिलती है, वहां सिराज अपनी रिवर्स स्विंग से पुरानी गेंद के साथ कहर ढा सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि सिराज ने अभ्यास मैच में महज 15 गेंदों में नाबाद 32 रन ठोककर यह भी दिखा दिया कि वे बल्ले से भी श्रीलंका के लिए अप्रत्याशित खतरा साबित हो सकते हैं।
रवींद्र जडेजा
अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा इस युवा भारतीय टीम के सबसे बड़े मजबूत स्तंभ हैं। श्रीलंका की धीमी और टर्न होती पिचों पर उनकी सटीकता बल्लेबाजों को सांस लेने तक का मौका नहीं देती। जडेजा की गेंदें इतनी सटीक होती हैं कि बल्लेबाज गलती करने पर मजबूर हो जाते हैं। इसके अलावा, निचले क्रम में उनकी मजबूत बल्लेबाजी टीम इंडिया को बेहतरीन संतुलन प्रदान करती है।
ऋषभ पंत
मिडिल ऑर्डर में ऋषभ पंत भारत के सबसे बड़े एक्स-फैक्टर हैं। स्पिन होती गेंदों के खिलाफ काउंटर-अटैक करने की उनकी क्षमता विपक्षी कप्तान को तुरंत रक्षात्मक फील्ड लगाने पर मजबूर कर देती है। भले ही अभ्यास मैच में वे बड़ी पारी न खेल पाए हों, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में अकेले दम पर मैच का पासा पलटने का हुनर उन्हें श्रीलंका के खिलाफ सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाता है।
यशस्वी जायसवाल
ओपनर यशस्वी जायसवाल का आक्रामक अंदाज श्रीलंकाई स्पिनरों की लाइन और लेंथ बिगाड़ने के लिए काफी है। टेस्ट क्रिकेट में 48.75 के शानदार औसत से रन बनाने वाले इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अभ्यास मैच में भी 61 रनों की बेहतरीन पारी खेली। गाले और कोलंबो की स्पिन फ्रेंडली पिचों पर नई गेंद और शुरुआती ओवरों में जयसूर्या और तीक्ष्णा पर दबाव बनाने का पूरा जिम्मा जायसवाल के कंधों पर होगा।
शुभमन गिल
भारतीय टेस्ट टीम के नए कप्तान शुभमन गिल के लिए यह दौरा बेहद खास है। बतौर कप्तान विदेशी सरजमीं पर यह उनका पहला बड़ा टेस्ट है। हालांकि, कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी वे श्रीलंका के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनने वाले हैं। हाल ही में अपनी उंगली की चोट से उबरते हुए गिल ने कोलंबो में खेले गए अभ्यास मैच में ताबड़तोड़ 44 रन बनाए। स्पिन के खिलाफ पैरों का बेहतरीन इस्तेमाल करने की उनकी काबिलियत प्रभात जयसूर्या जैसे श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ बेहद कारगर साबित होगी।

