नई दिल्ली: श्रीलंका दौरे पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम के अभ्यास मैच की पिच को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय टीम 7 अगस्त से कोलंबो स्थित ऐतिहासिक नॉनडिस्क्रिप्ट क्रिकेट क्लब में तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेलने उतरेगी। हालांकि, जिस विकेट पर यह मुकाबला होना है, उसकी स्थिति से भारतीय टीम मैनेजमेंट कतई खुश नजर नहीं आ रहा है।
स्पिन ट्रैक की जगह घास वाली पिच देखकर भड़का मैनेजमेंट
भारतीय टीम को उम्मीद थी कि पहले टेस्ट के आयोजन स्थल गॉल की स्पिन-फ्रेंडली परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अभ्यास मैच में भी वैसी ही टर्निंग ट्रैक मिलेगी। इसके विपरीत, कोलंबो में तैयार की गई पिच पर हल्की घास छोड़ी गई है, जिससे शुरुआती दिनों में तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिलने और स्पिनरों का असर कम रहने की संभावना है। हाल ही में घरेलू मैदानों पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को काफी संघर्ष करना पड़ा था। इसी वजह से टीम मैनेजमेंट चाहता था कि गॉल टेस्ट से पहले बल्लेबाजों को स्पिन के खिलाफ अभ्यास करने का पूरा मौका मिले।
श्रीलंका क्रिकेट के निर्देश पर बनी विकेट
नॉनडिस्क्रिप्ट क्रिकेट क्लब के मैनेजमेंट ने पिच विवाद पर सफाई देते हुए स्पष्ट किया है कि विकेट की तैयारी श्रीलंका क्रिकेट के निर्देशों के तहत ही की गई है। क्लब के मैनेजर के अनुसार, शुरुआती दो दिनों में पिच पर घास के चलते बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों को अनुकूल परिस्थितियां मिलेंगी। तीसरे दिन पिच टूट सकती है और स्पिनरों को थोड़ी मदद मिलने की संभावना है। टॉस जीतने वाली टीम के लिए पहले बल्लेबाजी करना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
WTC के लिहाज से बेहद अहम है सीरीज
भारत ने साल 2015 के बाद से श्रीलंका के खिलाफ कोई भी टेस्ट सीरीज नहीं गंवाई है। हालांकि, 15 अगस्त से गॉल में शुरू हो रही यह 2 मैचों की टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रैक्टिस मैच की परिस्थितियों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद टीम इंडिया की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है।


