नई दिल्ली: आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले 34 साल के ऑलराउंडर शशांक सिंह ने आगामी 2026-27 घरेलू सत्र के लिए छत्तीसगढ़ का दामन छोड़ पुडुचेरी की टीम में शामिल होने का बड़ा फैसला किया है। शशांक ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ पर उनकी चोट से उबरने के दौरान किसी भी तरह की मदद न करने और अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। संघ से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद अब वह मुंबई के विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रसाद पवार के साथ एक गेस्ट प्लेयर के रूप में पुडुचेरी का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बिना बताए टीम से बाहर करने का आरोप
एक इंटरव्यू के दौरान शशांक ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के प्रति अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि पिछले घरेलू सीजन में उन्हें कंधे की गंभीर चोट और उंगली में फ्रैक्चर का सामना करना पड़ा था लेकिन मुश्किल वक्त में राज्य संघ ने उनके इलाज व रिकवरी में कोई सहयोग नहीं दिया। इतना ही नहीं संघ ने उनसे कोई संवाद किए बिना उन्हें न सिर्फ छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग से बाहर रखा बल्कि बेंगलुरु में आयोजित हुए प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप के लिए भी नजरअंदाज कर दिया।
बीसीसीआई पुरस्कार विजेता की निष्ठा पर खड़े किए गए सवाल
शशांक ने कहा कि संघ द्वारा यह अफवाह फैलाई गई कि वह सिर्फ आईपीएल खेलने में रुचि रखते हैं और राज्य के लिए घरेलू क्रिकेट नहीं खेलना चाहते। इस आरोप का खंडन करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि बीसीसीआई ने खुद उन्हें 2023-24 सेशन के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर के रूप में प्रतिष्ठित लाला अमरनाथ पुरस्कार से सम्मानित किया था। शशांक के मुताबिक, इतने बड़े सम्मान के बावजूद उनके समर्पण पर सवाल उठाना और बिना कारण बताए टीम से दरकिनार करना बेहद निराशाजनक था।
रेड-बॉल क्रिकेट से ब्रेक, व्हाइट-बॉल फॉर्मेट पर पूरा ध्यान
शारीरिक फिटनेस और अपनी बहुमुखी प्रतिभा को बनाए रखने के लिए शशांक सिंह ने आगामी सेशन में रेड-बॉल क्रिकेट से कुछ समय के लिए दूरी बनाने का निर्णय लिया है। उनका पूरा ध्यान अब सीमित ओवरों के क्रिकेट पर रहेगा, जहां वह एक शुद्ध ऑलराउंडर की भूमिका निभाना चाहते हैं। उनका लक्ष्य पुडुचेरी और आईपीएल में अपनी टीम पंजाब किंग्स दोनों के लिए टी20 फॉर्मेट में न केवल फिनिशर की भूमिका निभाना है बल्कि अपने कोटे के पूरे चार ओवर गेंदबाजी करना भी है।
आईपीएल के हालिया प्रदर्शन और नए सफर की चुनौती
पंजाब किंग्स को आईपीएल 2025 के फाइनल तक पहुंचाने में शशांक का अहम योगदान रहा था, जहां उन्होंने 153.51 के आक्रामक स्ट्राइक रेट से 350 रन बनाए थे। हालांकि, आईपीएल 2026 का सीजन उनके लिए खास नहीं रहा और वे 9 पारियों में केवल 132 रन ही बना सके। अब पुडुचेरी के साथ जुड़कर शशांक सिंह अपनी खोई हुई लय वापस पाने और एक बार फिर से अपनी गेंदबाजी व बल्लेबाजी का लोहा मनवाने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।


