भिवानी: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला बॉक्सर प्रिया घांघस के गोल्डन पंच का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। शनिवार को महिलाओं के 60kg वर्ग के फाइनल में कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदिया को 4-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीतते ही उनके पैतृक गांव धनाना, भिवानी में जश्न का माहौल बन गया।
जैसे ही टीवी पर प्रिया की जीत का औपचारिक ऐलान हुआ, पूरे गांव में आतिशबाजी शुरू हो गई। लोग सड़कों पर उतर आए और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर बधाई देने लगे। बेटियां देश और गांव का नाम रोशन कर रही हैं, इस बात को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
चूरमा-खीर खाकर बनी चैंपियन
प्रिया घांघस की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनके पिता महेंद्र सिंह बेहद भावुक और गौरवान्वित नजर आए। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘हमारी बेटी ने देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है। पूरे गांव में दिवाली जैसा माहौल है, लोग पटाखे फोड़कर खुशियां मना रहे हैं। गांव लौटने पर प्रिया का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। जहां तक उसकी डाइट की बात है, तो वह घर का शुद्ध देशी खाना, चूरमा, खीर, दूध और दही ही खाती है। हमें पूरा यकीन है कि वह आने वाले ओलंपिक में भी देश को गोल्ड दिलाएगी। मैं सभी माता-पिता से यही कहूंगा कि वे प्रिया की मेहनत से सीख लें और अपने बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।’


