नई दिल्ली: भारतीय टी20 वर्ल्ड कप जीत के हीरो रहे विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने साफ कर दिया है कि वे अब बाहर के शोर और टीम से अंदर-बाहर होने के दबाव से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। टी20 वर्ल्ड कप में बैक टू बैक फिफ्टी जड़कर भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सैमसन ने कहा कि उन्होंने 2026 के इस मेगा टूर्नामेंट से पहले ही यह फैसला कर लिया था कि वे अब किसी रैट रेस में शामिल नहीं होंगे।
खुद को लेकर क्या बोले सैमसन?
जियोस्टार के शो में बातचीत के दौरान 31 साल के सैमसन ने कहा, ‘अब मुझे कोई नहीं बताएगा कि बल्लेबाजी कैसे करनी है, अब जो भी फैसला होगा वह ‘संजू खुद संजू के लिए’ करेगा।’ संजू ने विराट कोहली के साथ जिम में हुई एक पुरानी बातचीत को भी याद किया जिसने उनके लाइफस्टाइल को काफी हद तक प्रभावित किया।
विराट कोहली की डाइट नहीं कर पाया फॉलो
संजू के मुताबिक, कोहली ने उन्हें अनुशासन और रिकवरी डाइट का महत्व समझाते हुए करीब 10 साल तक इसे फॉलो करने की सलाह दी थी। इस वाकये पर सैमसन ने हंसते हुए स्वीकार किया, ‘मैंने विराट भाई की सलाह पर डेढ़ साल तक कड़ा अनुशासन बनाए रखा लेकिन उसके बाद मेरे बस की बात नहीं रही और मैं उस डाइट रूटीन पर कायम नहीं रह सका।’
अब मैं पुराना संजू नहीं रहा
सेमीफाइनल में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर के खिलाफ अपनी रणनीति और मानसिक मजबूती पर सैमसन ने बेबाकी से बात की। उन्होंने बताया कि मैच से पहले कई लोग उन्हें आर्चर के पुराने आंकड़ों और पिछली नाकामियों का हवाला देकर डराने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, संजू अंदर से बेहद शांत थे। उन्होंने कहा, ‘लोग आंकड़े गिना रहे थे लेकिन मैंने शांत रहकर मन ही मन तय कर लिया था कि अब मैं साल भर पुराना वाला संजू नहीं हूं। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली पारी के बाद मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ चुका था और मुझे खुद पर पूरा भरोसा था।’
संजू के दिमाग में साफ रहता है प्लान
न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद में खेले गए फाइनल मुकाबले में संजू की परिपक्वता साफ नजर आई। स्पिनर मिचेल सेंटनर के ओवर में चार डॉट गेंदे खेलने के बावजूद वे घबराए नहीं। इस मोड़ को याद करते हुए सैमसन ने कहा, ‘पहले के दिनों में अगर सेंटनर के खिलाफ चार बॉल खाली निकल जातीं, तो मैं दबाव में आकर पांचवीं गेंद पर बड़ा शॉट मारने के चक्कर में अपना विकेट फेंक देता। लेकिन इस बार मेरे अंदर गजब की स्पष्टता थी। मुझे पता था कि अगर यहां चार डॉट बॉल खेली हैं तो आगे चलकर दो छक्के मारकर इसकी भरपाई की जा सकती है।’


