नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा के वनडे करियर पर अब पूर्णविराम लगता नजर आ रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सेलेक्शन समिति अब भविष्य की ओर देख रही है और आगामी वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम के स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल को पहली पसंद बनाने की तैयारी में है। इसका मतलब है कि जडेजा का 210 वनडे मैचों का शानदार सफर अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है।
रविंद्र जडेजा का करियर होगा खत्म?
टीम मैनेजमेंट अब ऐसे स्पिन विकल्प को तरजीह दे रहा है जो नंबर 7 पर बल्लेबाजी को मजबूती दे सके जिसके चलते कुलदीप यादव जैसे बेहतरीन स्पिनर को बाहर बैठना पड़ रहा है और टीम अक्षर व वाशिंगटन सुंदर की जोड़ी पर भरोसा जता रही है। अक्षर पटेल को प्रमोट करने का यह फैसला काफी हद तक सही भी साबित हो रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में अक्षर ने गेंद और बल्ले दोनों से कमाल दिखाते हुए टीम को 6 विकेट से आसान जीत दिलाई। उन्होंने पहले गेंदबाजी में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 4/62 विकेट चटकाए और फिर नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर भारत को लक्ष्य के पार पहुंचाया, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
साउथ अफ्रीका में खास नहीं है रिकॉर्ड
हालांकि, दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर अक्षर का वनडे रिकॉर्ड उतना प्रभावशाली नहीं रहा है जहां 3 मैचों में वे केवल 8 रन बना सके हैं और उनके हाथ सिर्फ एक सफलता लगी है। रविंद्र जडेजा को बाहर रखने के पीछे हाल के दिनों में उनकी गिरती हुई फॉर्म एक बड़ी वजह रही है। इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में जडेजा का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक था जहां उन्होंने 14.33 की औसत और मात्र 66.15 के स्ट्राइक रेट से केवल 43 रन बनाए थे।
फॉर्म के चलते टीम से किया जाएगा ड्रॉप
बीसीसीआई के एक विश्वसनीय सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में जडेजा के चयन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा, ‘सफेद गेंद के क्रिकेट (वनडे और टी20) में जडेजा की गेंदबाजी पिछले कुछ समय से उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 इसलिए खेली थी क्योंकि भारत को दुबई की पिचों पर टर्न मिलने की उम्मीद थी।’ इसके अलावा, उनकी पावर-हिटिंग भी अब उस स्तर की नहीं बची है जैसी 2019 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान हुआ करती थी।’


