नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है। पीसीबी की नई चयन समिति ने एक कड़ा फैसला लेते हुए शान मसूद को टेस्ट कप्तानी से हटा दिया है और उनकी जगह स्टार बल्लेबाज बाबर आजम को दोबारा टीम की कमान सौंप दी है। बाबर के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के आगामी दौरों से होगी। साल 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद बाबर को कप्तानी से हटाया गया था लेकिन मसूद के नेतृत्व में टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बोर्ड को मजबूरन इस खिलाड़ी के पास वापस लौटना पड़ा
शान मसूद को क्यों गंवानी पड़ी कप्तानी?
शान मसूद को खराब बल्लेबाजी के कारण नहीं बल्कि बतौर कप्तान उम्मीद के मुताबिक नतीजे न दे पाने की वजह से अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। लाहौर में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्य चयनकर्ता आकिब जावेद ने इस फैसले की वजह साफ की। आकिब जावेद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘हम एक ऐसे कप्तान की तलाश में थे जो टीम को बेहतर तरीके से आगे ले जा सके। बतौर बल्लेबाज शान मसूद का व्यक्तिगत प्रदर्शन अच्छा था लेकिन कप्तान के रूप में हमें वह नतीजे नहीं मिल रहे थे जिसकी हमें दरकार थी।’
लगातार की खराब कप्तानी
मसूद का कप्तानी सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। उनके नेतृत्व में पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया में 3-0 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, जिसके बाद बांग्लादेश ने पाकिस्तान को उसी के घर में 2-0 से हराकर इतिहास रच दिया। हालांकि, मसूद की कप्तानी में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-1 से जरूर हराया लेकिन इसके तुरंत बाद टीम साउथ अफ्रीका में 2-0 से हार गई और वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज भी 1-1 से ड्रॉ रही।
जिम्मेदारी पर खरे नहीं उतरे मसूद
पाकिस्तान का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में सबसे नीचे रहना मसूद के लिए ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ। आकिब जावेद ने कप्तानी के पैमाने को समझाते हुए यह भी साफ किया कि मैदान पर फैसले लेने की जिम्मेदारी सिर्फ कप्तान की होती है। उन्होंने कहा, ‘मैच को फिनिश करने की जिम्मेदारी कप्तान की होती है। कुछ चीजें टीम और चयनकर्ताओं के दायरे में आती हैं लेकिन मैच के दौरान सही समय पर DRS लेना, टॉस का फैसला और स्लो ओवर रेट को संभालना पूरी तरह कप्तान की जिम्मेदारी है।’


