ईरान ने तोड़ा 1966 के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
बेल्जियम के खिलाफ मैदान पर उतरी ईरान की टीम वर्ल्ड कप इतिहास की अब तक की सबसे उम्रदराज टीम बन गई। इस मैच में ईरानी स्टार्टिंग इलेवन की औसत उम्र 32 वर्ष और 181 दिन थी। इस अनुभवी और सीनियर टीम ने अपने अनुभव का शानदार परिचय देते हुए पूरे मैच के दौरान बेल्जियम के लगातार हमलों और दबाव को नाकाम रखा।
मैच की शुरुआत से ही गेंद पर बेल्जियम का नियंत्रण रहा। शुरुआती मिनटों में ही मैक्सिम डी क्युपर ने एक लंबी दूरी से शानदार शॉट लगाया, लेकिन ईरान के गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवंद ने उसे बेहतरीन तरीके से रोक दिया। पहले हाफ के बीच में ईरान ने बेल्जियम को उस समय हैरान कर दिया जब मेहदी तारेमी ने एक चालाकी से ली गई फ्री-किक पर गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया। हालांकि, ईरान का यह जश्न ज्यादा देर नहीं टिका, क्योंकि वीडियो असिस्टेंट रेफरी ने रिव्यू के बाद स्ट्राइकर तारेमी को मामूली अंतर से ऑफसाइड करार दे दिया और गोल रद्द हो गया। पूरे मैच में बेल्जियम ने गोल करने के लिए 23 शॉट लगाए, लेकिन गोलकीपर बेइरानवंद दीवार बनकर खड़े रहे।
मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 66वें मिनट में आया जब बेल्जियम की टीम 10 खिलाड़ियों पर सिमट गई। बेल्जियम की डिफेंसिव गलती का फायदा उठाकर मेहदी तारेमी सीधे गोल की तरफ बढ़ रहे थे, जिन्हें रोकने के चक्कर में बेल्जियम के नाथन नगोय को सीधा रेड कार्ड दिखा दिया गया। यह फीफा वर्ल्ड कप 2026 का 8वां रेड कार्ड था। 10 खिलाड़ियों के खिलाफ होने के बाद ईरान ने अपनी आक्रामकता बढ़ाई और बेंच से नए खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा। मैच के आखिरी पलों में ईरान ने गोल करने के कई मौके बनाए, लेकिन वे बेल्जियम के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे और मैच 0-0 की बराबरी पर खत्म हुआ।


