मुल्लांपुर: पंजाब के मुल्लांपुर स्टेडियम में खेले गए एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच में भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया है। कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया ने मैच के हर विभाग में अपना दबदबा बनाए रखा और मुकाबला पूरी तरह अपने नाम किया। लेकिन, फैंस के लिए हैरान करने वाली बात यह है कि टेस्ट क्रिकेट में इतनी बड़ी और धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद भी भारतीय टीम को आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में एक भी अंक का फायदा नहीं हुआ है।
इतनी बड़ी जीत के बाद भी क्यों नहीं मिला WTC का कोई अंक?
भारतीय टीम की इस प्रचंड जीत के बावजूद WTC पॉइंट्स टेबल में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला गया यह मुकाबला WTC की मौजूदा साइकिल का हिस्सा नहीं है। आईसीसी के नियमों के अनुसार, यह एक एकमात्र टेस्ट मैच था, जो WTC के तय कैलेंडर से बाहर खेला गया। इसलिए, इस मैच के परिणाम का असर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा और भारत को इसके लिए कोई अंक नहीं दिए गए हैं।
अफगानिस्तान की टीम WTC का हिस्सा क्यों नहीं है?
अक्सर फैंस के मन में यह सवाल उठता है कि अफगानिस्तान को टेस्ट दर्जा मिले कई साल हो चुके हैं, फिर भी वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा क्यों नहीं है। इसके पीछे आईसीसी के कड़े नियम और ढांचा हैं। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नियम के मुताबिक, इसमें केवल टेस्ट दर्जा प्राप्त टॉप-9 टीमें ही हिस्सा ले सकती हैं। वर्तमान में इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश शामिल हैं। टेस्ट खेलने वाले देशों को दो श्रेणियों में देखा जाता है।
अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे जैसी टीमों को टेस्ट का दर्जा तो प्राप्त है, लेकिन वे रैंकिंग और बुनियादी ढांचे के मामले में अभी टॉप-9 टीमों से नीचे आती हैं। WTC के तहत हर टीम को दो साल की साइकिल में 6 टेस्ट सीरीज, 3 घर में और 3 विदेश में खेलनी होती हैं। अफगानिस्तान जैसी नई टेस्ट टीमों के पास अभी इतना व्यापक और व्यस्त टेस्ट शेड्यूल खेलने के लिए संसाधन, वित्तीय ढांचा और अनुभव की कमी है। इसी वजह से आईसीसी इन्हें WTC से बाहर रखकर अलग से द्विपक्षीय टेस्ट मैच खेलने की अनुमति देता है ताकि वे इस लंबे फॉर्मेट में खुद को धीरे-धीरे स्थापित कर सकें।
मैच का लेखा-जोखा
मुल्लांपुर टेस्ट के पहले दिन भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने इस फैसले को सही साबित करते हुए पहली पारी में 8 विकेट खोकर 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की पहली पारी भारतीय गेंदबाजों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 152 रनों पर ऑलआउट हो गई। भारत ने पहली पारी के आधार पर 412 रनों की भारी-भरकम बढ़त हासिल की और मेहमान टीम को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर कर दिया। दूसरी पारी में फॉलोऑन करने उतरी अफगानिस्तान की टीम का हाल और भी बदतर रहा। भारतीय गेंदबाजों के घातक प्रहार के सामने अफगानी बल्लेबाज टिक नहीं सके और दूसरी पारी में सिर्फ 112 रन पर ढेर हो गए। नतीजा यह रहा कि भारत ने यह मैच पारी और 300 रनों के रिकॉर्ड अंतर से जीत लिया। अफगानिस्तान की दूसरी पारी में किसी का भी उल्लेखनीय रन नहीं रहा। टीम इंडिया की ओर से वाशिंगटन सुंदर ने चार और कुलदीप यादव ने तीन विकेट चटकाए।


