मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल का ये सीजन काफी खराब जा रहा है। टीम जीत की पटरी पर लौटने की कोशिश करती है, लेकिन उसे नाकामी हाथ लगती है। बुधवार को ही मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 240 से अधिक रन बना दिए थे, लेकिन इसके बाद भी उसे हार मिली। अब सवाल है कि क्या मुंबई इंडियंस की टीम आईपीएल 2026 से बाहर मानी जाए या फिर कोई संभावना है, जो उसे टॉप 4 में लेकर जाए। इसका सीधा और सरल समीकरण और सिनेरियो हम आपको समझा देते हैं।
टीम ने खेल लिए अपने 8 मैच, केवल दो में ही मिली है जीत
हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस के लिए एक और आईपीएल सीजन खराब जाता हुआ नजर आ रहा है। टीम के लिए अब आगे की राह काफी ज्यादा मुश्किल होती हुई दिख रही है। हालांकि समीकरणों के हिसाब से देखें तो टीम अभी तक टॉप 4 की रेस से बाहर नहीं हुई है। अभी तक की स्थिति को देखें तो पता चलता है कि टीम ने आठ मैच खेलकर केवल दो में जीत दर्ज की है। 6 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। यानी टीम के पास केवल चार अंक हैं और अंक तालिका में टीम 9वें नंबर पर संघर्ष कर रही है।
मुंबई इंडियंस के अभी 6 और मैच बचे हैं बाकी
अब जरा समझते हैं कि मुंबई इंडियंस की टीम आईपीएल के प्लेऑफ में कैसे जा सकती है। मुंबई के अब कुल मिलाकर 6 और लीग मैच बाकी हैं। यानी टीम ने बचे हुए 6 मुकाबले जीत लिए उसके 12 अंक हो जाएंगे, चार अंक पहले से ही हैं, यानी टीम 16 तक पहुंच सकती है। जो प्लेऑफ में जाने के लिए काफी होंगे। लेकिन सवाल ये है कि जो टीम पहले 8 मैच में से दो जीत पाई हो, उससे ये उम्मीद लगाना कहां तक ठीक है कि बचे छह के छह मुकाबले टीम जीत जाएगी।
एक भी मैच हारी तो नेट रन रेट का चक्कर आ सकता है सामने
अगर मुंबई की टीम यहां से एक भी मैच हारी तो फिर उसके लिए 16 अंकों तक पहुंच पाना संभव नहीं होगा। फिर भी वो 14 अंकों तक तो पहुंच ही सकती है। वैसे तो 14 अंक लेकर भी टीमें प्लेऑफ में गई हैं, लेकिन यहां पर नेट रन रेट का मामला फंस सकता है। हालांकि इस बात की संभावना कम है कि कोई टीम इस बार 14 अंकों के साथ प्लेऑफ में जाएगी। मुंबई इंडियंस का नेट रन रेट इस वक्त -0.784 का है, जो काफी खराब है। यानी टीम को न केवल जीत चाहिए, बल्कि बड़ी जीत चाहिए, ताकि अगर आगे चलकर दो टीमों के बराबर अंक हों और मामला नेट रन रेट पर जाए तो वहां मुंबई की टीम बाजी मार सके।
टॉप की टीमें जीतती चली जाए तो भी मुंबई के लिए मौका
मुंबई इंडियंस को न केवल अपने मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे, बल्कि ये भी दुआ करनी होगी कि पंजाब किंग्स, आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स की टीमें अपने मैच जीतती चली जाए, ताकि चौथे नंबर की जो भी टीम हो, वो बहुत ज्यादा अंक हासिल ना कर पाए और वहां पर मुंबई के लिए एक चांस बन सकता है। जो टीमें नीचे चल रही हैं, वे अपने मैच हारती रहें तो ही एमआई के लिए उम्मीद दिखाई दे सकती है।
क्या पुरानी कहानी दोहरा पाएगी मुंबई की टीम
ये एक ऐसी टीम है, जो आईपीएल के दूसरे फेज में वापसी करती है। इससे पहले साल 2014 और 2015 में ऐसा हो चुका है। हालांकि इस बार भी टीम ऐसा कर पाएगी, अभी तो इसकी संभावना कम दिखती है। कुल मिलाकर कम शब्दों में बात इतनी है कि अगर मुंबई की टीम यहां से एक भी मैच हारी तो समझ लीजिए कि उसकी कहानी फिर खत्म है। अब अगला नहीं, हर मैच टीम के लिए काफी ज्यादा अहम होने जा रहा है।


