मैनचेस्टर: भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर भारत ने पहली पारी में 358 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड ने 669 रन ठोक दिए। 311 रनों की बढ़त लेने के बाद भी इंग्लैंड मैच को अपने नाम नहीं कर पाया। भारत ने शुभमन गिल के साथ रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर के शतक की मदद से 4 विकेट पर 425 रन बनाए। 5वें दिन आखिरी सेशन में दोनों टीमें मैच ड्रॉ करने पर सहमत हो गई।
कप्तान गिल ने बल्लेबाजों को सहारा
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मैच के बाद बल्लेबाजों की जमकर सराहना की। उन्होंने मैच के बाद ब्रॉडकास्टर्स से बात करेत हुए कहा, ‘बल्लेबाजी के प्रयास से बेहद खुश हूं। पिछले कुछ दिनों में हम पर जबरदस्त दबाव था। पांचवें दिन के विकेट पर कुछ न कुछ होता है, हर गेंद एक इवेंट की तरह होत है। हम गेंद दर गेंद खेलकर मैच को डीप ले जाना चाहते थे। इसी बारे में हमने बात की थी।’
हाथ नहीं मिलाने के फैसले पर क्या बोले?
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स 138वां ओवर खत्म होने के बाद जडेजा और सुंदर के पास मैच ड्रॉ करने की बात करने आए थे। दोनों ही बल्लेबाजों ने साफ मना कर दिया। इस बारे में शुभमन गिल ने कहा- हमें लगा कि जडेजा और सुंदर ने शानदार बल्लेबाजी की। हमें लगा कि वे शतक के हकदार थे (हाथ न मिलाने के फैसले के बारे में)। हर मैच आखिरी दिन आखिरी सेशन तक चलता है। बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हर टेस्ट मैच आपको कुछ नया सिखाता है। एक टीम के तौर पर इसने हमें बहुत कुछ सिखाया है।
पहली पारी में भारत के बल्लेबाज सेट होने के बाद भी बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इसपर गिल ने कहा- जब भी मैं बल्लेबाजी करता हूं, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और अपनी बल्लेबाजी का पूरा आनंद लेना चाहता हूं। पहली पारी में हमने अच्छा स्कोर बनाया। लेकिन हमारे कई बल्लेबाज जम गए। इन विकेटों पर यह जरूरी है कि अगर एक या दो बल्लेबाज गहराई तक जाए तो वे बड़े शॉट लगाएं। आप वाकई विरोधी टीम से मैच छीन सकते हैं। दुर्भाग्य से पहली पारी में ऐसा नहीं हो पाया। हम इस शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए। लेकिन दूसरी पारी में हम जिस तरह से ऐसा कर पाए, उससे खुश हूं।


