*प्रशांत रायचौधरी*
बिहार की मिट्टी से निकले तेज गेंदबाज *आकाशदीप* की कहानी संघर्ष, सपनों और सफलता की अनोखी मिसाल है। यह वो नाम है, जिसने कठिनाइयों के अंधेरे में भी उम्मीद का दीया जलाए रखा और अपने दृढ़ निश्चय से क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। आज बर्मिंघम में 99 रन पर 6 विकेट लेकर आकाशदीप ने टीम इंडिया को टेस्ट मैच में विजय दिलाई।
दीप का जीवन हमेशा आसान नहीं रहा। उन्होंने अपने पिता और बड़े भाई को बहुत कम समय के अंतराल में खो दिया। उस वक्त घर की जिम्मेदारी आ गई थी—दो बहनों की देखभाल करनी थी और साथ ही अपने सपनों को भी जिन्दा रखना था। मगर उन्होंने हार नहीं मानी। अपने क्रिकेट के जुनून को आगे बढ़ाने के लिए वे बिहार से बंगाल आ गए, जहां से उन्होंने अपने करियर की नई शुरुआत की।
बंगाल में आकर उन्होंने लगातार मेहनत की और घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित किया। 2022 में उन्हें पहली बड़ी पहचान तब मिली जब उन्हें आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने अपनी टीम में शामिल किया। यहीं से उनका करियर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने लगा।
अपने शानदार प्रदर्शन के चलते वह घरेलू क्रिकेट में एक भरोसेमंद तेज गेंदबाज बनते गए। और फिर आया उनका सबसे बड़ा पल – फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ रांची टेस्ट में उन्हें भारत की टेस्ट टीम में पदार्पण करने का मौका मिला। उन्होंने पहले ही सेशन में विकेट चटकाकर अपने चयन को सार्थक सिद्ध किया।
इसके बाद उन्होंने बांग्लादेश और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाओं में भी अपनी जगह बनाए रखी और फिर साल के अंत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम इंडिया का हिस्सा बने।
उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन और उभरते सितारे के रूप में पहचान की बदौलत 2025 के आईपीएल ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने उन्हें ₹8 करोड़ में खरीदा। यह उनकी कड़ी मेहनत और लगन का इनाम था।
आकाशदीप की कहानी इस बात की मिसाल है कि अगर दिल में जुनून हो, इरादे मजबूत हों और मेहनत की कोई सीमा न हो, तो कोई भी मुश्किल रास्ता आपको आपकी मंज़िल तक पहुँचने से नहीं रोक सकता। बिहार की गलियों से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुँचना कोई साधारण सफर नहीं, बल्कि यह एक प्रेरणादायक गाथा है – जो हर युवा को यह संदेश देती है कि सपने देखो और उन्हें पूरा करने की हिम्मत रखो।


