मेलबर्न टेस्ट में हार के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस को लेकर नाराजगी जाहिर की है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार हार के बाद खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम में लौटने के तुरंत बाद गंभीर ने पूरी टीम से कहा कि अब बहुत हो गया।
गंभीर ने खिलाड़ियों के गलत शॉट सिलेक्शन पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना न्यूट्रल गेम खेलने का बहाना बनाने वाले खिलाड़ियों को स्पष्ट संदेश दिया कि उनको सिचुएशन के हिसाब से खेलना होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर ने कहा है-
खिलाड़ियों को अपने तरीके से खेलने के लिए 6 महीने का समय दिया था, लेकिन अब यह सब खत्म हो गया है। अब से जो भी खिलाड़ी टीम के लिए मेरे प्लान के अनुसार नहीं खेलेंगे, उन्हें थैंक यू कह दिया जाएगा।

गंभीर टीम में पुजारा को चाहते थे गंभीर ने इस सीरीज में चेतेश्वर पुजारा की वापसी की मांग की थी। गंभीर चाहते थे कि पुजारा टेस्ट टीम में वापस आएं, लेकिन सिलेक्टर्स ने मना कर दिया। 36 साल के पुजारा ने पिछले दो ऑस्ट्रेलियाई दौरे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्होंने 2018 के दौरे में सात पारियों में सबसे ज्यादा 521 रन बनाए थे। उन्होंने 21 के दौरे में भी 271 रन बनाए थे। पुजारा को गाबा टेस्ट में उनकी अहम भूमिका के लिए याद किया जाता है, जहां उन्होंने भारत को जीत दिलाने के लिए 211 गेंदें खेली थीं।

पंत का गैरजिम्मेदाराना शॉट ऋषभ पंत और विराट कोहली मेलबर्न टेस्ट में भी गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलते दिखे। पंत के शॉट पर कप्तान रोहित शर्मा ने सलाह दी तो सुनील गावस्कर ने उनके शॉट को बेवकूफी बताया। पंत पहली पारी में स्कॉट बोलैंड की बॉल पर स्कूप शॉट खेलने की कोशिश में डीप-थर्डमैन पर कैच हुए। वहीं, कोहली पूरी सीरीज में कई बार ऑफ साइड की बाहर जाती बॉल पर आउट हुए।


